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Sukh Ko Bhi Dukh Hota Hai-Paper Back

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श्रुति की कविता का मानवीकरण किया जाए तो वह दिखेगी कच्ची लकड़ी के धुएँ से घिरी उस स्त्री की तरह जो जीवन का बुझता चूल्हा पूरे प्राणपण से फूँके जा रही है। कभी इधर से उचकुन लगाती, कभी उधर से यानी कभी इस ध्रुवान्त से, कभी उस ध्रुवान्त से और अन्त में उसकी धौंकनी देखती है कि आग तो दोनों ध्रुवान्तों के बीच से निकलती ऊर्ध्वमुखी हुई जा रही है। न इस अतिरेक में, न उसमें बल्कि उस सम्यक् दृष्टि में जो बुद्ध और गांधी की है : ‘जिन्होंने दुख दिया/उनके लिए अतिरिक्त उदार’, ‘जब भी मिलूँ ख़ुद से, आँखें नीची न हों’, ‘छोड़ना सबसे आसान हो जब, तब रोक लेना उसे’, ‘कड़वी बात निगल जाएँ बुख़ार की गोली की तरह’—इस तरह के कई आप्त वाक्य मिलेंगे इस संग्रह में जो यह सिद्ध करते हैं कि वैयक्तिक नैतिकता में इनकी आस्था है और ये बख़ूबी समझती हैं कि स्वयं में आचरणगत परिवर्तन घटित किए बिना कोई स्थायी परिवेशगत परिवर्तन असम्भव है।

इस महीन प्रज्ञा पारमिता के बिना जीवन का गम्भीर सत्य अदेखा ही छूट जाता है—‘माँ की कोख’ और ‘पेड़ की जड़ों’ की तरह। जो भी ‘बत्तीस दिसम्बर’ को घटना है, यानी कि कभी नहीं घटना, उस बदलाव में और जो ‘रेगुलेटर’ से मौसम सँवारता है, उस परिवर्तन में कवि की आस्था नहीं है। वह हैरान है यह देखकर कि दुनिया ने चकित होना छोड़ दिया है, जबकि उसके लिए तो प्रकृति से निःशब्द ध्वनियाँ सीखने का सिलसिला ख़त्म ही नहीं होता। तभी तो उसके लिए पूरी पृथ्वी ही प्रेमपत्र है। वाक् संयम और कुछ प्रसिद्ध कविताओं से अन्तःपाठीय संवाद इस संग्रह को एक अलग खनक देते हैं।

—अनामिका 

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 152p
Price ₹250.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Shruti Kushwaha

Author: Shruti Kushwaha

श्रुति कुशवाहा

श्रुति कुशवाहा का जन्म 13 फरवरी, 1978 को भोपाल, मध्य प्रदेश में हुआ। पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल, वर्ष 2001)।

वर्ष 2016 में पहला कविता संग्रह ‘कशमकश’ मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के सहयोग से प्रकाशित हुआ। संग्रह को मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा वर्ष 2016 का ‘वागीश्वरी पुरस्कार’ प्रदान किया गया। वर्ष 2007 में कादंबिनी युवा कहानी प्रतियोगिता में कहानी पुरस्कृत, पत्रकारिता हेतु वर्ष 2022 में ‘अचला सम्मान’ से सम्मानित। हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित।

हैदराबाद, दिल्ली, मुम्बई, भोपाल में विभिन्न न्यूज़ चैनलों में काम करने के बाद अब गृहनगर भोपाल में डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं।

ई-मेल : [email protected]

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