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Sangharsh Narmada Ka-Paper Back

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9788119028382
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‘संघर्ष नर्मदा का’ नर्मदा बचाओ आन्दोलन में नर्मदा घाटी के लोगों, ख़ासकर आदिवासी समुदाय के योगदान, संघर्ष और बलिदानों की कहानी को उनके ही नज़रिये से सामने लाती है। सरदार सरोवर बाँध से प्रभावित आदिवासियों के जीवन, विस्थापन और पुनर्स्थापन की पीड़ाजनक प्रक्रिया के ब्योरे इस किताब में दर्ज हैं जो प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली और विनाशकारी विकास-प्रक्रिया के द्वन्द्व के हवाले से, मानव समाज की भावी चुनौतियों और समाधान की ओर संकेत करते हैं। वाचिक इतिहास की अहमियत को रेखांकित करती हुई यह किताब बतलाती है कि स्मृति को सुनना एक राजनीतिक कर्म भी हो सकता है और परिवर्तनकारी भी। कार्यकर्ताओं, पयार्वरण-अध्येताओं, नृतत्त्व में रुचि रखनेवालों तथा मानवाधिकारों की पैरवी करनेवाले लोगों के लिए यह किताब एक ज़रूरी पाठ है।

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 272p
Price ₹350.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1.5
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Nandini Oza

Author: Nandini Oza

नन्दिनी ओझा

नन्दिनी ओझा इतिवृत्तकार और वाचिक इतिहासकार हैं। बारह वर्षों तक नर्मदा बचाओ आन्दोलन की पूर्णकालिक कार्यकर्ता रही हैं। ‘ओरल हिस्ट्री एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया’ की अध्यक्ष रही हैं। ‘व्हिदर जस्टिस : स्टोरीज़ ऑफ़ विमेन इन प्रिज़न’, ‘लढा नर्मदेचा...’ उनकी महत्त्वपूर्ण पुस्तकें हैं। ‘लढा नर्मदेचा...’ का अंग्रेज़ी अनुवाद ‘द स्ट्रगल फॉर नर्मदा’ नाम से प्रकाशित है। ‘संघर्ष नर्मदा का’ इसी पुस्तक का हिन्दी अनुवाद है। नर्मदा संघर्ष के वाचिक इतिहास पर न​न्दिनी oralhistorynarmada.in नाम से एक वेबसाइट भी चलाती हैं।

ई-मेल : [email protected]

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