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RahmanKhera Ka Bagh-Paper Back

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9788119133215
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‘रहमान खेड़ा का बाघ’ संग्रह की कहानियाँ और संस्मरण उन वन्य जीवों के हैं जो किसी-न-किसी कारण अपने परिवेश, अपने जंगलों से बिछड़ गए हैं और जंगल से दूर शहरों, गाँवों और कस्बों में भटक गए हैं। यह वन्य जीव सिर्फ अपना खोया हुआ घर ढूँढ़ रहे हैं। जहाँ उन्हें खाने के लिए भोजन, पीने के लिए पानी और सिर छुपाने को जगह मिल जाए। भटकते हुए वन्य जीव, भटक जाने पर अजीब-सा व्यवहार करते हैं हमने इनके बारे में अब तक जो भी सुना, पढ़ा और देखा होता है वो सब बेकार हो जाता है। हर भटका हुआ वन्य जीव एक नई किताब होता है, जिसका अन्त आपको किताब के आखिरी पन्ने पर मालूम होता है। 
ये कहानियाँ अनुभवों का एक प्रवाह हैं जिसमें कई वर्षों की धारा को एक दिशा देने का प्रयास किया गया है। 

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2023
Edition Year 2024, Ed. 2nd
Pages 240p
Price ₹250.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Utkarsh Shukla

Author: Utkarsh Shukla

उत्कर्ष शुक्ल

उत्कर्ष शुक्ल का जन्म 20 जुलाई, 1968 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हुआ। उन्होंने पशु चिकित्सा में स्नातक तथा वन्य जीव चिकित्सा में पी.जी. डिप्लोमा किया। पढ़ना, संगीत सुनना तथा फोटोग्राफी में विशेष रुचि रखते हैं।
वर्तमान में नवाब वाजिद अलीशाह प्राणी उद्यान, लखनऊ में वन्य जीव चिकित्सक के रूप में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

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