Facebook Pixel

Myrrh-Paper Back

Special Price ₹187.50 Regular Price ₹250.00
25% Off
In stock
SKU
9789349180383
- +
Share:
Codicon

आयशा आरफ़ीन की कहानियाँ मेरे लिए ख़ुशगवार हैरत और मसर्रत का सबब बनी हैं। किसी भी नए लिखने वाले से ऐसी उम्मीद करना कि उनकी कहानियाँ मज़बूत और पुख़्ता हों, मुश्किल है लेकिन आयशा आरफ़ीन की कहानियों में एक ख़ास क़िस्म की मज़बूती भी है और इनकी बुनावट भी पुख़्ता है। ‘मिर्र’ की कहानियों की सतह बुलन्द है और प्लॉट, थीम और चरित्र-चित्रण के हवाले से भी ये कहानियाँ मुकम्मल हैं। इन सब से बढ़ कर आयशा आरफ़ीन के आख्यान एक अजीब से असरार से भरे हुए हैं जिसे हम रहस्य का नाम दे सकते हैं। यही तत्व उनकी कहानियों का सब से बड़ा जौहर (Essence) है जिसकी जड़ें उनके किरदारों के वजूदी-संकट (Existential Crisis) में अन्दर तक समाई हुई हैं।

मैं आयशा आरफ़ीन को इतनी उम्दा और दिल को छू लेने वाली कहानियाँ लिखने के लिए दिल से मुबारकबाद पेश करता हूँ और मुझे यक़ीन है कि उनका ये कहानी-संग्रह संजीदा साहित्यिक गलियारों में बड़े पैमाने पर स्वीकृति हासिल करेगा।

— ख़ालिद जावेद

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 152p
Price ₹250.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 19.5 X 13 X 1
Write Your Own Review
You're reviewing:Myrrh-Paper Back
Your Rating
Ayesha Arfeen

Author: Ayesha Arfeen

आयशा आरफ़ीन

आयशा आरफ़ीन का जन्म 1 जनवरी, 1984 को भिवानी, हरियाणा में हुआ। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से समाजशास्त्र में एम.ए., एम.फिल. और पी-एच.डी. किया है।

उनकी पहली कहानी जनवरी 2020 में ‘परिकथा’ पत्रिका में प्रकाशित हुई। ‘पक्षधर’, ‘अकार’, ‘वागर्थ’, ‘उद्भावना’, ‘वर्तमान साहित्य’, ‘दोआबा’, ‘समालोचना’ और ‘वनमाली कथा’ आदि पत्रिकाओं में भी कहानियाँ प्रकाशित हैं। अंग्रेज़ी, उर्दू, और ओड़िया भाषाओं से हिन्दी में अनुवाद करती हैं। संस्कृति, साहित्य और सिनेमा से सम्बन्धित कई शोध-पत्र प्रकाशित हैं।

ई-मेल : [email protected]

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top