Mutthi Mein Jeet

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Mutthi Mein Jeet

आज की नकारात्‍मक समाजार्थिक परिस्थितियों और कम अवसरों के बरक्‍स बढ़ती स्‍पर्द्धा के बीच ख़ासकर हमारे युवाओं के सामने सफल जीवन की आकांक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। हताशा एक सामान्‍य सामाजिक स्थिति है और हर आनेवाली पीढ़ी उसके सामने और ज्‍़यादा असहाय दिखाई देती है।

इसीलिए ऐसे संस्‍थानों, लोगों और पुस्‍तकों की बाढ़ आ गई है जो युवाओं को तरह-तरह से सफल होने के सूत्र थमाते रहते हैं; व्‍यक्तित्‍व-विकास के नाम पर उन्‍हें अधकचरी और भ्रामक सामग्री देते रहते हैं।

यह पुस्‍तक इस पूरे घटाटोप में एक अनूठी पद्धति के साथ सामने आती है और युवाओं को सफलता के वास्‍तविक अर्थ समझाते हुए इस तरह निर्देशित करती है कि वे धनार्जन को ही सफलता न मानें, बल्कि अपने वजूद की सम्‍पूर्ण उपलब्धि के रूप में उसे देखें।

'श्रेयस्‍कर लक्ष्‍यों की उत्‍तरोत्‍तर प्राप्ति ही सफलता है'—अर्ल नाइटिंगेल की इस परिभाषा को आधार बनाते हुए यह किताब सरलता से हमारी सोच, हमारे संस्‍कार और विचार-शैली को मनोवैज्ञानिक ढंग से एक अलग धरातल पर ले जाती है।

उपसंहार में स्‍वयं के मूल्‍यांकन की एक सरल प्रणाली इसे और मूल्‍यवान बनाती है।

 

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2006
Edition Year 2006, Ed. 1st
Pages 151p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 21.5 X 13.5 X 1
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Editorial Review

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Author: C. S. Mishra

सी.एस. मिश्र

रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक एवं मध्य प्रदेश वित्त आयोग के सदस्य रहे। एक प्रख्यात शिक्षाविद्, विद्वान और प्रभावशाली वक्ता ख्‍यात। उन्होंने उच्च स्तर पर सफल लोगों के व्यक्तित्व और विचार का गहरा अध्ययन भी किया। उनका दृढ़ विश्वास था—कोई भी आदमी अगर ठान ले कि उसे यह काम करना है, तो वह करके रहेगा। अपने व्याख्यानों में वे कार्य निष्पादन क्षमता के विकास हेतु श्रोताओं को चरणबद्ध ढंग से अभिप्रेरित करते थे। व्यक्तित्व विकास के नए आयामों की तलाश में डॉ. मिश्र की भूमिका उल्लेखनीय है।

निधन : 25 नवम्‍बर, 2020

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