Mahamanav Mahapandit

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Mahamanav Mahapandit

'महामानव महापण्डित’ शीर्षक यह कृति भारतीय साहित्य के अप्रतिम क्रान्तिधर्मी रचनाकार राहुल सांकृत्यायन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित है। लेकिन इसका महत्त्व सिर्फ़ यही नहीं है, बल्कि यह भी है कि राहुल-व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को उनकी ही अन्तरंग आँखों ने देखा और लेखा है। ज़ाहिर है, कमला सांकृत्यायन की क़लम से लिखे गए ये संस्मरणात्मक और मूल्यांकनपरक लेख एक गहरी आत्मीयता से तो आप्लावित हैं ही, अपनी पारदर्शिता में भी विशिष्ट हैं। आकस्मिक नहीं कि पुस्तक के नाम में पहले 'महामानव’ शब्द है और फिर 'महापण्डित’।

पुस्तक में कुल पन्द्रह लेख हैं। इनमें से कुछ तो राहुल जी के लेखकीय, बौद्धिक कर्म का विवेचन करते हैं और कुछ उनके स्वभाव, पारिवारिक जीवनचर्या एवं रुचियों आदि को उजागर करते हैं। ऐसा करते हुए इन लेखों में जो श्रद्धाभाव है, उसके साथ एक प्रकार की नि:संगता भी है, जिससे यह कृति अनावश्यक भावुकता से मुक्त रह सकी है।

कहने की आवश्यकता नहीं कि इस पुस्तक से गुजरते हुए पाठकगण राहुल जी को अपने बहुत निकट महसूस कर सकेंगे।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 1995
Edition Year 2018, Ed. 3rd
Pages 136p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22.5 X 14.5 X 1.5
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Kamla Sankrityayan

Author: Kamla Sankrityayan

कमला सांकृत्यायन

जन्म : 15 अगस्त, 1920; कलिम्पोंग, ज़िला—दार्जिलिंग में।

मातृभाषा : नेपाली।

शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पीएच.डी., साहित्य-रत्न।

नेपाली और हिन्दी में निरन्तर लेखन। हिन्दी-नेपाली तथा नेपाली-हिन्दी में अनुवाद-कार्य भी।

साहित्य अकादेमी की नेपाली सलाहकार समिति में रहीं। नेपाली अकादेमी, पं. बंगाल सरकार से पुरस्कृत-सम्मानित।

प्रमुख कृतियाँ हिन्दी में : ‘प्रतिवेशी नेपाली साहित्य’, ‘असम की लोककथाएँ’, ‘महामानव महापण्डित’। नेपाली में : ‘विचार तथा विवेचना’, ‘बौद्धधर्म एवं दर्शन’। नेपाली में अनुवाद : ‘राजस्थानी साहित्य का इतिहास’, ‘लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ’, ‘राहुल सांकृत्यायन’, ‘तिब्बत में बौद्धधर्म’।

‘नेशनल बिब्लियोग्राफ़ी ऑफ़ इंडियन लिटरेचर’ (खंड-5) में नेपाली कहानियों का हिन्दी अनुवाद।

लोरेटो कॉलेज, दार्जिलिंग में रीडर एवं हिन्दी विभागाध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त।

निधन : 25 अक्टूबर, 2009

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