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Maan Darti Hai-Paper Back

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माँ इसलिए डरती है कि उसकी बेटी मर्दों से नहीं डरती, वह कुछ करना चाहती है, ऊपर उठना चाहती है जाति और लिंग के भेदभाव से, उस रोशनी में जाना चाहती है जिसे उसकी माँ ने, उसकी पूर्वजाओं ने नहीं देखा। यह डर सदियों से इकट्‌ठा होता आया है उन लोगों के दिलों में जिन्हें कमतर और कमज़ोर महसूस कराने के लिए समाज ने बाक़ायदा एक व्यवस्था बनाई है, सुनिश्चित किया है कि कुछ लोग हों जिन्हें डराने का अधिकार रहे और कुछ लोग हों जिन्हें अपना डर प्राकृतिक लगे।

अंजली काजल की ये कहानियाँ इसी डर को समझने और पकड़ने की कोशिश करती हैं, वे जानना चाहती हैं कि एक देश, एक संस्कृति, एक समाज जिसकी जड़ें काल में इतनी दूर तक जाती हैं, आखिर उसने डर का यह समाजविज्ञान किसलिए गढ़ा होगा, कि अपनी ही आधी जनसंख्या को मनुष्य के स्तर से नीचे रखने में किसको किसका भला नजर आया होगा!

कहीं स्त्री स्त्री होकर कुछ कम मनुष्य हो जाती है, कहीं कोई पूरा समुदाय ही उसे दी गई किसी पहचान के चलते हाशियों पर रहने-रेंगने लगता है; इन कहानियों में बिद्ध पीड़ा जानना चाहती है कि यह किसलिए और आख़िर कब तक?

इसलिए ये कहानियाँ संघर्ष के उस संकल्प को भी पहचानती और रेखांकित करती हैं जो उत्पीड़ितों के हृदय में, उनकी आत्मा में इस उत्पीड़न के ही चलते पैदा होता है, और जो कहता है कि समय हमेशा बदलता है और समाज को भी बदलना होगा। ये कहानियाँ बताती हैं कि वे माँएँ आ रही हैं जो न डरेंगी, न अपने बच्चों को, अपनी बेटियों को डरना सिखाएँगी। 

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Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 160p
Price ₹299.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Anjali Kajal

Author: Anjali Kajal

अंजली काजल

अंजली काजल का जन्म 20 अक्टूबर, 1978 को लुधियाना, पंजाब में हुआ। वे कॉमर्स में परास्नातक हैं। उनकी पहली कहानी ‘इतिहास’ 1999 में ‘हंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुई। उसके बाद कई कहानियाँ ‘ज्ञानोदय’, ‘वागर्थ’, ‘रचना समय’, ‘वाक्’, ‘साहित्य विमर्श’, ‘वनमाली कथा’ आदि पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हुईं। उनकी कहानी ‘सैलाब’ का दिल्ली, अलवर, कानपुर, गेयटी थिएटर, शिमला में सफ़ल मंचन हो चुका है।

उनका कहानी-संग्रह ‘Ma is scared’ (कॉमा प्रेस, यू.के.) नाम से प्रकाशित हुआ। कव‌िता भनोट द्वारा हिन्दी से अंग्रेजी में अनूद‌ित इस संग्रह को 2021 का ‘इंग्लिश पेन ट्रांसलेट्स अवार्ड’ प्राप्त हुआ। इसी नाम से 2024 में यह संग्रह भारत (पेंगुइन इंडिया) में भी प्रकाशित हुआ है।

सम्प्रत‌ि : बी.एस.एन.एल. में कार्यरत

ई-मेल : [email protected] 

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