‘कोलाहल से दूर’ उपन्यास के केन्द्र में नायिका बाथशीबा एवरडीन और उसे अपने-अपने ढंग से प्रेम करनेवाले तीन व्यक्तियों—किसान से गड़रिया बना गैब्रिएल ओक, धनी किसान बोल्डवुड और उच्छृंखल सार्जेंट ट्रॉय—की कहानी है, लेकिन इसकी पृष्ठभूमि में हार्डी शहरों के कोलाहल से दूर ग्राम्य जीवन की जो तस्वीर खींचते हैं, वह उनका वास्तविक कथ्य है। अपनी विशिष्ट शैली में वह बीच-बीच में मानवीय व्यवहार, उसकी कमज़ोरियों, बदलते वक़्त और विवाह की संस्था पर टिप्पणियाँ करते चलते हैं। उपन्यास के अन्त में बाथशीबा सामाजिक प्रतिष्ठा में अपने से काफ़ी नीचे गैब्रिएल से विवाह कर लेती है जिसके चरित्र को हार्डी ने उच्च मानवीय गुणों से नवाज़ा है। बाथशीबा के रूप में हार्डी ने जिस स्वतंत्र, आवेगपूर्ण और अपनी मर्ज़ी से चलनेवाली स्त्री का चरित्र गढ़ा है, वह भी विक्टोरियन युग की कठोर मर्यादाओं की एक चुनौती थी।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Hard Back, Paper Back |
| Translator | Raghuvir Sharma |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2007 |
| Edition Year | 2007, Ed. 1st |
| Pages | 387p |
| Price | ₹450.00 |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 2 |