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Kisse Avadh Ke-Hard Cover

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अवध के क़िस्सों की लम्बी यात्राएँ हैं। ये भगवान राम के साथ वन-वन घूमे

हैं, तो प्रवासी भारतीयों के साथ मारीशस, फ़िजी, गयाना आदि सुदूर देशों तक जाकर आज भी वहाँ सुने-कहे जा रहे हैं। श्रमिकों ने इन्हें खुले आसमान व वृक्षों के नीचे सुनाया, तो ग़रीबों ने झोंपड़ियों में और धनवानों ने महलों में, ऋषियों-मुनियों ने इन्हें वेदों, पुराणों, आरण्यक ग्रन्थों उपनिषदों, ‘रामायण’, ‘महाभारत’ आदि में अपनी शैली में समावेशित किया।

लोक साहित्य में विश्वासों में कोई सुदृढ़ तर्क योजना भले न दिखे, लेकिन, इनमें प्रतीक या अन्योक्ति की कई छवियाँ दिख जाती हैं। क़िस्सों में भूत-प्रेत, जादू-टोना, चमत्कार आदि का उल्लेख होता रहता है। इनका आनन्द लेकर इनमें उलझे बिना पाठक अपना अर्थ प्राप्त कर लेता है।

क़िस्से अवध के में सामाजिक सम्बन्धों का पूरा भूगोल दिखता है। इसे स्त्री-विमर्श और अस्मिता-विमर्श के दृष्टिकोण से भी पढ़ा जा सकता है। यह भी जाना जा सकता है कि भारतीय समाज की आन्तरिक संरचना में जाति और वर्ण आदि की सकारात्मक या नकारात्मक धारणाएँ क्या हैं?

इन क़िस्सों में शाश्वत मान्यताओं की पुष्टि रोचक ढंग से हुई है। इनमें सन्देश और मनोरंजन का मिला-जुला आस्वाद है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2017
Edition Year 2017, Ed. 1st
Pages 192p
Price ₹400.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Jagdish Piyush

Author: Jagdish Piyush

जगदीश पीयूष

अमेठी जनपद के कसारा गाँव में 6 अगस्त, 1950 को जन्म अपनी स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त साहित्य सेवा में अनवरत लगे रहे और खण्डकाव्य लोकसाहित्य व अन्य विधाओं में पुस्तकों की रचना की।

साहित्य सेवा :

काव्य: पानी पर हिमालय, अन्धरे के हाथ बटेर,नीराजना; खण्डकाव्य : सुयोधन, तथागत। अन्य प्रकाशित पुस्तकें अवधी ग्रन्थावली (10 खण्ड), अवधी साहित्य : सर्वेक्षण और समीक्षा, अवधी साहित्य के सरोकार, ब्रज संस्कृति और साहित्य, लोकसाहित्य के पितामह, लोक साहित्य: सरस प्रसंग, विज्ञान और टेक्नोलॉजी |
गाँधी गाँधी गाँधी; गाँधी और दलित नव जागरण, राजीव गाँधी।
सम्पादन : बोली बानी (14 अंक), लोकायतन (2अंक) ।
सम्मान : विश्व हिन्दी सम्मान (7वें विश्व हिन्दी सम्मेलन, न्यूयार्क, अमेरिका के मंच पर), लोकभूषण सम्मान, जायसी सम्मान (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान) व अन्य अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित।

यात्राएँ : 1983 में मास्को, ताशकन्द, उज्बेकिस्तान, सोवियत संघ के विभिन्न नगर, नेपाल व भारत के कोने कोने में।

सम्प्रति :सम्पादक अमेठी समाचार,

अध्यक्ष : अवधी अकादमी

सम्पर्क सृजन-पीठ, गौरीगंज, अमेठी (उ.प्र.)

पिन-227409

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