Khoobsoorti Se Jeevan Jeene Ki Kala

Life Management
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ISBN:9788183618373
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Khoobsoorti Se Jeevan Jeene Ki Kala
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ख़ुश रहने के लिए कुछ ज़्यादा करने की ज़रूरत नहीं है। बस सहज होने की कोशिश करें, और आप देखेंगे कि जिसे आप दु:ख मानकर अपनी ज़िन्दगी का उल्लास छोड़ बैठे हैं, उसमें भी एक सुख है। होनी को सरल भाव और खुले मन से स्वीकारें और आप देखेंगे कि आपकी इच्छाशक्ति आपको कहाँ ले जाती है। हँसिए और जब मन भर जाए तो खुलकर रोइए भी। रोना उतना बुरा नहीं है जितना माना जाता है, इससे आप नए हो जाते हैं। दिमाग़ से काम लें लेकिन दिल की भी सुनें, पुस्तकें पढ़कर अपनी कल्पना को नया आकाश दें, और ख़ुशी के परिन्दों के साथ उड़ें।

यह पुस्तक ऐसी ही छोटी-छोटी बातों से आपको जीना सिखाती है, ख़ुश रहना सिखाती है। और बताती है कि जीवन अपने आप में ही कितना सुखकारी, कितना अनमोल वरदान है; ज़रूरत है बस हिम्मत, धीरज और सहनशीलता के साथ उसे जीना सीखने की। आशा है, यह किताब इस राह में अवश्य ही आपकी हमसफ़र बनेगी।

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Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2017
Edition Year 2017, 1st Ed
Pages 112p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan - Funda
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Editorial Review

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H.L. Maheshwari

Author: H.L. Maheshwari

डॉ. एच.एल. माहेश्वरी जन्म : 16 सितम्बर, 1937; विदिशा (म.प्र.)। शिक्षा : एम.ए. अर्थशास्त्र (‘स्वर्ण पदक’ प्राप्त), एम.कॉम, पीएच.डी.। पूर्व प्राचार्य एवं प्रोफ़ेसर, वाणिज्य। प्रकाशन : ‘परीक्षा में प्रथम श्रेणी कैसे प्राप्त करें’, ‘बनवारीलाल जाजू : व्यक्तित्व एवं कृतित्व’। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक आलेख प्रकाशित। यात्राएँ : यू.एस.ए., यू.के., फ्रांस, स्विट्जरलैंड। सम्प्रति : महाविद्यालयीन शैक्षणिक संस्थाओं के अकादमिक सलाहकार, पीएच.डी. शोध निदेशक।

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