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Hostel Ke Panno Se-Paper Back

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9788126720156
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स्वतंत्र, स्वच्छन्द और उन्मुक्त जीवन जीने की लालसा रखनेवाले आज के युवाओं की संवेदनाओं का विश्लेषण करनेवाला एक विशिष्ट उपन्यास। इसमें बदलते समाज की उस तसवीर को चित्रित किया गया है जो वैश्वीकरण और उदारवादी संस्कृति से उत्पन्न वातावरण में दृष्टिगोचर होती है। समाज में इधर एक बड़ा परिवर्तन हुआ है। नई युवा पीढ़ी निरन्तर एक खुलेपन के माहौल में जीना चाहती है जहाँ लिंग-भेद से परे जाकर समाज में एक सहज समानता हो। इस सामाजिक क्रान्ति को लेखक ने एक हॉस्टल में रहनेवाले युवाओं को केन्द्र में रखकर अभिव्यक्त किया है जो नई सोच के साथ नए विचारों को सहज रूप से स्वीकृति प्रदान करते हैं और सभ्यता, संस्कृति पर किसी भी प्रकार का प्रहार किए बिना एक सामंजस्य भी बनाते हैं।

उपन्यास इस परिवर्तन के संक्रमणकाल पर भी दृष्टिपात करता है और यह प्रश्न भी छोड़ता है कि आज जब स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थाओं तक में ‘को-एड’ है तब यह कैसे सम्भव है कि लड़के-लड़की के बीच स्वाभाविक और प्राकृतिक आकर्षण न हो?

लेखक ने वर्जनाओं से रहित जीवन जीनेवाली युवा पीढ़ी के प्रति एक सार्थक समझ को जाग्रत् करने के साथ-साथ परम्परावादी सोच की कठोर नियमावली के बीच जीनेवाले रूढ़िवादी समाज के प्रति एक समन्वयवादी सोच को बनाने का प्रयास भी किया है।

आधुनिक युवाओं की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्याओं पर एक रोचक उपन्यास जो अपनी सहज भाषा-शैली से पाठक के अन्तर्मन को स्पर्श करता है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2011
Edition Year 2024, Ed. 2nd
Pages 308p
Price ₹399.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21 X 14 X 1.7
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Manoj Singh

Author: Manoj Singh

मनोज सिंह

जन्म : 1 सितम्बर, 1964; आगरा (उ.प्र.)

शिक्षा : बी.ई. इलेक्ट्रॉनिक्स, एम.बी.ए. (मानव संसाधन विकास)।

प्रमुख कृतियाँ : ‘चन्द्रिकोत्सव’ (खंड काव्य); ’बन्धन’, ‘कशमकश’, ‘हॉस्टल के पन्नों से’ (उपन्यास); ‘मेरी पहचान’ (कहानी-संग्रह); ‘व्यक्तित्व का प्रभाव’ (आलेख संकलन); ‘स्वर्ग-यात्रा’।

अन्य : कई समाचार-पत्रों व पत्रिकाओं में लेखों का नियमित प्रकाशन। पत्रिकाओं का सम्पादन।

www.manojsingh.com एवं कई अन्य हिन्दी वेबसाइटों पर नियमित साप्ताहिक कॉलम का लेखन। विभिन्न विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनेजमेंट कोर्स एवं मास-कम्युनिकेशन से सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों में विशेषज्ञ व्याख्यान। ‘चन्द्रिकोत्सव’ पर आधारित नृत्यनाटिका का दूरदर्शन पर प्रसारण। ‘बंधन’ उपन्यास पंजाबी भाषा में प्रकाशित और बांग्ला तथा तमिल में शीघ्र प्रकाश्य।

सम्प्रति : उप महानिदेशक विजिलेंस एवं टेलीकॉम मॉनिटरिंग (पंजाब व चंडीगढ़), दूरसंचार मंत्रालय, भारत सरकार।

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