Film Ki Kahani Kaise Likhein

Manzarnama
Author: Vipul K. Rawal
As low as ₹120.00 Regular Price ₹150.00
You Save 20%
In stock
Only %1 left
SKU
Film Ki Kahani Kaise Likhein
- +

बहुत लोग होंगे जिनके पास एक अच्छी कहानी होगी, अगर नहीं तो कोई आइडिया होगा ही, लेकिन वह एक अच्छी फ़िल्म की पटकथा कैसे बने, यह जानना थोड़ा तकनीकी हुनर की माँग करता है। यह किताब आपको यही हुनर सिखाएगी।

लेखक ख़ुद एक अच्छे पटकथाकार हैं, जिनकी लिखी फ़िल्में दर्शक देख चुके हैं। इस किताब में इन्होंने पटकथा-लेखन के ‘क-ख’ से शुरू करते हुए वे तमाम गुर बताए हैं, जिनके प्रयोग से आप एक अच्छी सफल फ़िल्म लिख सकते हैं। दो कामयाब फ़िल्मों ‘लगान’ और ‘सरफ़रोश’ का उदहारण देते हुए इन्होंने पटकथा-लेखन की सभी पेचीदगियों को समझाया है।

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2016
Edition Year 2022, Ed 4th
Pages 128p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
Write Your Own Review
You're reviewing:Film Ki Kahani Kaise Likhein
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Vipul K. Rawal

Author: Vipul K. Rawal

विपुल के. रावल

विपुल राव हिन्दी फ़िल्म इंडस्ट्री में बतौर लेखक और स्क्रिप्ट सलाहकार काम करते हैं। दक्षिणी गुजरात के औद्योगिक शहर वापी में जन्मे व पले-बढ़े। चेन्नई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान फ़िल्म बनाने की तकनीक के प्रति झुकाव। पढ़ाई बीच में छोड़ भारतीय नौ सेना में नौकरी। सेना की नौकरी के दौरान कहानियाँ लिखने तथा पत्र-पत्रिकाओं में छपने का दौर शुरू हुआ। ‘रुस्तम’ सहित कई फ़िल्मों के लिए पटकथा, संवाद आदि का लेखन।

Read More
Books by this Author

Back to Top