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Parmatma Maurya

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डॉ. परमात्मा मौर्य

15 जून 1970 को उत्तर प्रदेश, जौनपुर जिले के मुकुरीपुर गांव में, श्री भूषण मौर्य और श्रीमती मेवाती मौर्य के सबसे छोटे पुत्र के रूप में जन्मे डा. परमात्मा मौर्य ने एम. बी. बी. एस. (एस. एन. मेडिकल कॉलेज आगरा), एम. एस. (के. जी. मेडिकल कॉलेज लखनऊ, वर्तमान के. जी. मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ) तथा एम. सीएच. (आई.एम.एस. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी) से अर्जित किया।
साहित्य सेवाः मेडी नोवेल 'आस' और उपन्यास 'विहानं' के अलावा विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित। इनकी रचनाओं में सामाजिक चिंतन, शिक्षा और स्वास्थ्य मुख्य बिंदु होते हैं। आडंबर, पाखंड और अंधविश्वास के विरोधी होने के कारण, इनकी रचनाओं में इसका असर आसानी से देखा जा सकता है। डा. परमात्मा मौर्य, उत्तर प्रदेश के जाने माने न्यूरोसर्जन होने के साथ ही साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाने जाते हैं।
सम्मानः मेडी नोवेल 'आस' के लिए गोल्डेन बुक अवार्ड 2024 और उपन्यास 'विहान' के लिए गोल्डेन बुक अवार्ड 2025 और इंटरनेशनल ऑथर एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से सम्मानित होने के साथ ही साथ विभिन्न सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित।
सम्प्रतिः FIJA: Federation of Indian Journalist
and Activist, President of Medical Wing, Lucknow.
सम्पर्कः बी. एन. सी. (भूषण न्यूरोसर्जीकल सेंटर) गोमती नगर विस्तार, लखनऊ, उ. प्र. 226010
ईमेल: [email protected]

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