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Diddi : Shivani Ki Kahani-Paper Back

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9789360867584
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‘दिद्दी : शिवानी की कहानी’ में हम हिन्दी की अत्यन्त लोकप्रिय कथाकार शिवानी को उनकी बेटी की निगाहों से देखते हैं।

यह भी कह सकते हैं कि यहाँ हमें वह शिवानी दिखती हैं जिन्हें हम उनकी साहित्यिक छवि में अक्सर नहीं पाते। हाँ, उनकी कहानियों और उनके पात्रों में हम ज़रूर उस स्त्री को पहचान सकते हैं जो एक ख़ास वातावरण में एक ख़ास दृष्टि से संसार को देख रही थी।

यह किताब उनके इस वातावरण को भी प्रकाशित करती है, और उसके बीच बनती एक कथाकार की यात्रा को भी। एक भारतीय घर-परिवार की संस्तरीकृत संरचना में मानवीय संवेदना के अनेकानेक रंगों के साथ उन्होंने उसकी विडम्बनाओं को कैसे समझा और फिर उसे अपनी कथा ऋचाओं में अंकित किया, यह वृत्तान्त हमें यह जानने में भी मदद करता है।

शिवानी के साथ इस पुस्तक में कुमाऊँनी समाज की संस्कृति और समाज के विभिन्न पक्षों से भी हमारा परिचय होता है, और उनकी कुछ चर्चित रचनाओं और उनकी पृष्‍ठभूमि से भी। 

More Information
Language Hindi
Binding Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2025
Edition Year 2025, Ed. 1st
Pages 240p
Price ₹350.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 20 X 13 X 1.5
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Ira Pande

Author: Ira Pande

इरा पाण्डे पन्द्रह वर्ष तक यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के बाद  प्रकाशन की दुनिया से जुड़ीं। उन्होंने ‘सेमीनार’, ‘बिब्लियो’, ‘डॉर्लिंग किंडर्स्ले’ और ‘रोली बुक्स’ में सम्पादन कार्य किया है। उन्होंने कुछ टीवी कार्यक्रमों के लिए काम करने के अलावा मशहूर फ़िल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ में अभिनय भी किया। पिछले दस वर्षों से वह अनुवाद के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

वे अपनी माँ और प्रख्यात कथाकार शिवानी के चर्चित संस्मरण ‘दिद‍्दी’ की लेखक हैं। अंग्रेजी में यह संस्मरण ‘Diddi : My Mother’s Voice’ और  हिन्दी में ‘दिद्दी : हमारी माँ शिवानी’ नाम से प्रकाशित है। उन्होंने मनोहर श्याम जोशी की बहुचर्चित पुस्तक ‘ट’टा प्रोफ़ेसर’,  शिवानी की पुस्तक ‘अपराधिनी’ और ‘अमादेर शान्तिनिकेतन’, प्रभा खेतान की आत्मकथा ‘अन्या से अनन्या’ और यतीन्द्र मिश्र द्वारा लिखित लता मंगेशकर की जीवनी ‘सुर गाथा’ का हिन्दी से अंग्रेज़ी में अनुवाद किया है। अनुवाद के लिए उन्हें कई महत्त्वपूर्ण पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। मनोहर श्याम जोशी की किताब ‘ट’टा प्रोफ़ेसर’ के लिए 2010 में उन्हें ‘क्रॉसवर्ड’ और ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘अमादेर शान्तिनिकेतन’ के अनुवाद के लिए 2022 में ‘वैली ऑफ़ वर्ड्स’ के सम्मान से सम्मानित किया गया। 

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