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Cancer Ki Vyatha-Katha-Paper Back

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चरक के संहिता काल में कैंसर की ग्रन्थि और अर्बुद रूप में लक्षणों के आधार पर अवधारणा, पहचान और उपचार और सुश्रुत की शल्य चिकित्सा में आज आयुर्वेद में भी काफ़ी परिवर्तन आया है, विकास हुआ है। आधुनिक चिकित्सा में कैंसर के निदान और उपचार के साधनों का व्यापक विस्तार हुआ है। देश में कैंसर जानलेवा रोगों में प्रमुख है, फिर भी इसकी व्यापकता के विश्वस्त आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। कैंसर रजिस्ट्री (पंजीयन) आधारित आंशिक आँकड़े उपलब्ध हैं। इनके अभाव में कैंसर के निदान, उपचार और निवारण की नीतियाँ और व्यवस्था अपर्याप्त और अप्रभावी हैं।

कैंसर पर डॉ. सिद्धार्थ मुखर्जी की एक पुस्तक आई है ‘द एम्परर ऑफ़ ऑल मैलेडीज : ए बायोग्राफ़ी ऑफ़ कैंसर’। यह एक ऐतिहासिक किताब है।

इसी से प्रेरित होकर मैंने भारतीय सन्दर्भ में ‘कैंसर की व्यथा-कथा : आग का दरिया तैरकर जाना’ लिखी है, क्योंकि मेरा मानना है हिन्दी में इसकी नितान्त आवश्यकता है।

कैंसर के बारे में, पढ़े-लिखे और अनपढ़, सभी में जानकारी कम और भय व भ्रम अधिक है। आज भी कैंसर को एक रोग माना जाता है। एक ही दवा से हर प्रकार के कैंसर के इलाज के दावे आम हैं, प्रचार-प्रसार कर रोगियों को भ्रम में रखा जाता है। चिकित्सा के व्यवसायीकरण से बेबस रोगियों का हर स्तर पर शोषण होता है। आम भाषा में कैंसर के बारे में विश्वसनीय जानकारी की रोचक शैली में प्रस्तुति से, आशा है, इस रोग से भय, भ्रम और शोषण से मुक्ति में सहायता मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो मेरा परिश्रम सफल होगा।

— प्राक्कथन से

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Language Hindi
Binding Hard Back, Paper Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2013
Edition Year 2013, Ed. 1st
Pages 160p
Price ₹150.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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Shrigopal Kabra

Author: Shrigopal Kabra

श्रीगोपाल काबरा

जन्म : 25 दिसम्बर, 1936 लोसल; ज़िला—सीकर (राजस्थान)।

शिक्षा : एम.बी.बी.एस., एल.एल.बी., एम.एस-सी. (मेडिकल), एम.एस. (एनाटोमी), एम.एस. (सर्जरी), पी.जी.डिप. जर्नलिज़्म।

कार्य क्षेत्र : चिकित्सा, शिक्षा, अनुसन्धान, विधि, प्रबन्धन।

प्रकाशन : हिन्दी में 18 पुस्तकें; 7 कहानी-संग्रह; 4 कविता-संग्रह (राजस्थानी)।

1 उपन्यास, 1 बालगीत, 5 निबन्ध-संग्रह; अंग्रेज़ी में 4 निबन्ध-संग्रह के अलावा पत्र-पत्रिकाओं में सैकड़ों शोध-पत्र आदि प्रकाशित।

सम्मान : शोधकार्य पर अनेक पुरस्कार और सम्मान जिनमें ‘हरिओम आश्रम रिसर्च अवार्ड’ प्रमुख। साहित्य में पुरस्कार और सम्मान में ‘आत्माराम पुरस्कार’ प्रमुख।

कार्य : प्रोफ़ेसर एनाटोमी, एस.एम.एस. मेडिकल कॉलेज, जयपुर। अनुसन्धान निदेशक : दुर्लभ जी अस्पताल जयपुर। वरिष्ठ वैज्ञानिक : आई.आई.एच.एम.आर., जयपुर। वकील : पारस कुहाड एंड एसोसिएट लॉ फर्म, जयपुर।

सम्प्रति : निदेशक विधि और मेडिकल ऑडिट, संतोकबा दुर्लभ जी मेमोरियल अस्पताल, जयपुर।

ई-मेल : [email protected]

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