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Beema Prabandhan Evam Prashashan-Hard Cover

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बीमा प्रबन्ध एवं प्रशासन’ बीमा व्यवसाय के सफल संचालन की एकमात्र पुस्तक है। इसे गहन शोध और विस्तृत अध्ययन के बाद लिखा गया है। बीमा व्यवसाय का प्रबन्धन एवं निर्देशन कैसे किया जाए, इस पुस्तक के अध्ययन से पता लग सकता है।

इस पुस्तक में सात खंड हैं जो विभिन्न कार्यक्षेत्रों के संचालन में सहायक हैं। बीमा परिचय, प्रबन्ध एवं प्रशासन को प्रथम खंड में दिया गया है, जिसमें बीमा की परिभाषा एवं स्वभाव, बीमा का विकास एवं संगठन, बीमा प्रसंविदा, प्रबन्ध, प्रशासन एवं संगठन, जीवन बीमा निगम संगठन का रूप, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा प्रसंविदा, सामुद्रिक बीमा प्रसंविदा और अग्नि बीमा परिचय एवं प्रसंविदा का वर्णन है। द्वितीय खंड में कार्यालय संगठन और प्रबन्ध की विवेचना है, जिसमें कार्यालय अभिन्यास एवं कार्य-दशाएँ, कार्यालय फर्नीचर, उपकरण एवं मशीनें, कार्यालय पद्धति, कार्यालय संगठन और कार्यालय प्रबन्ध का वर्णन है। कायिक प्रबन्ध का विश्लेषण तृतीय खंड में है जिसमें कार्यालय कार्यकर्त्ता प्रबन्धन, विक्रय संगठन एवं प्रबन्ध, अभिकर्त्ता की नियुक्ति, अभिकर्त्ता का प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण एवं प्रेरणा और अभिकर्त्ता का नियंत्रण बताया गया है। चतुर्थ खंड विपणन का है जिसमें विक्रय-कार्यकर्त्ताओं का संगठन, कार्यक्षेत्रीय कार्यकर्त्ताओं के गुण, बीमा विक्रय विधि, प्रचार एवं तर्क, आक्षेपों का उत्तर, बीमा जब्‍ती नए व्यापार का अभिगोपन, बीमा कराने की विधि एवं चुनाव, बीमापत्र की शर्तें, नवकरण विधियों के प्रबन्ध का वर्णन है। पंचम खंड बीमापत्रधारियों की सेवा का है जिसमें बीमापत्रधारियों की सेवा, अध्यर्थन का भुगतान का वर्णन है। वित्तीय प्रबन्ध का वर्णन षष्ठम खंड में है जिसमें प्रव्याजि निर्धारण, कोष का प्रबन्ध, मूल्यांकन, संचय, कोष का विनियोग, लागत नियंत्रण, अंकेक्षण एवं परीक्षण का विवरण है। सप्तम खंड में बीमा अधिनियम एवं प्रसंविदा, जैसे—बीमा अधिनियम, 1938, जीवन बीमा अधिनियम, 1956, सामुद्रिक बीमा अधिनियम, 1963, सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972, बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, 2000 का विशद विश्लेषण है।

यह पुस्तक वर्तमान अर्थव्यवस्था के विकास और विस्तृतीकरण में मील का पत्थर है। यह पुस्तक आनेवाले समय में बीमा की विभिन्न समस्याओं के समाधान की गीता है जिसके विभिन्न सिद्धान्तों का उपयोग करके कठिन-से-कठिन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

 

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 1979
Edition Year 2010, Ed. 5th
Pages 632p
Price ₹650.00
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 4
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Author: M. N. Mishra

एम.एन. मिश्र

जन्म : 25 जुलाई, 1945 को सुल्तानपुर ज़िले के सुबेदार का पुरवा द्वारिकागंज में हुआ।

शिक्षा : शिक्षा गाँव से सम्पन्न करने के बाद बी.कॉम. और एम.कॉम. की उपाधि तथा 1994 में डी.लिट्. की डिग्री इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राप्त की।

जनवरी, 1980 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में रीडर के पद पर आसीन हुए और कुछ ही वर्षों में उसी विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हो गए। तत्पश्चात् वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष और विभागाध्यक्ष हुए। अमेरिका और कनाडा में कई बार व्याख्यान दिए और उसे प्रकाशित भी किए। भारत और विदेश के विभिन्न सेमिनारों और कॉन्फ़्रेसों में भाग लिया तथा कई सेवा आयोगों और विश्वविद्यालयों में चयन समितियों के विशेषज्ञ रहे।

प्रमुख कृतियाँ : ‘बीमा सिद्धान्त एवं व्यवहार’, ‘बीमा प्रबन्ध एवं प्रशासन’, ‘मार्केटिंग रिसर्च’, ‘सेल्स प्रोमोशन एवं एडवरटाइजिंग’, ‘ऑर्गनाइजेशन विहैवियर’, ‘इन्स्योरेन्स’, ‘बैंकिंग, ग्रामीण विकास में बैंकों का योगदान’, ‘भारतीय अर्थशास्त्र’, ‘संगठन, विकास और प्रभावशीलता’ आदि।

अनेक शोध-पत्र और लेख भारत और विदेशी पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं।

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