नलिन विलोचन शर्मा का जन्म 18 फरवरी, 1916 को पटना सिटी, पटना में हुआ था। वे संस्कृत, हिन्दी एवं अंग्रेजी के विद्वान थे। उन्हें फ्रेंच एवं जर्मन भाषा का भी ज्ञान था। चित्रकला में उनकी गहरी रुचि थी। वे हिन्दी में ‘नकेनवाद’ आन्दोलन की शुरुआत करने वालों में से एक थे। पटना विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्राध्यापक रहे।
उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं—‘दृष्टिकोण’ और ‘साहित्य का इतिहास दर्शन’, ‘मानदंड’, ‘उपन्यास : विशेषतः प्रेमचंद’, ‘साहित्य : तत्त्व और आलोचना’ (आलोचना); ‘विष के दाँत’, ‘सत्रह असंगृहीत पूर्व छोटी कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह); ‘नकेन के प्रपद्य’ तथा ‘नकेन-2’ (कविता-संग्रह); ‘नलिन रचनावली’ (5 खंडों में) (रचनावली)। उन्होंने अनेक पुस्तकों और कई पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।