Vigyapan Aur Jansampark

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Vigyapan Aur Jansampark
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यह पुस्तक विज्ञापन और जनसम्पर्क संचार की विधा को रेखांकित करती है। इस पुस्तक में विज्ञापन के विविध स्वरूपों की विस्तार से चर्चा की गई है। विज्ञापन को परिभाषित करते हुए इसके विविध प्रकार, माध्यमों एवं लाभ की विस्तृत विवेचना की गई है। जनसम्पर्क की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जनसम्पर्क की विविध विधाओं पर विस्तार से चर्चा की है। कारपोरेट जनसम्पर्क की आवश्यकता और उपयोगिता की विस्तृत विवेचना इस पुस्तक को और भी उपयोगी बनाती है।
भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के पाठ्यक्रमानुसार लिखित यह पुस्तक जहाँ एक ओर पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी वहीं दूसरी ओर विज्ञापन एवं जनसम्पर्क के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी मार्गदर्शक के रूप में लाभप्रद होगी।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 192p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 24 X 15 X 1.5
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Author: Mukti Nath Jha

मुक्तिनाथ झा

जन्म: 1955 वाराणसी, उत्तर प्रदेश

शिक्षा : परास्नातक (राजनीति शास्त्र, रसियन, पत्रकारिता एवं जनसंचार) पी-एच.डी.

प्रकाशन : पत्रकारिता की विभिन्न विधाओं पर अनेक पुस्तकें प्रकाशित। विभिन्न राष्ट्रीय समाचारपत्रों में विविध विषयों पर प्रकाशित त्रिशताधिक लेख अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों/ सेमिनारों में सक्रिय सहभागिता एवं शोधपत्रों का प्रकाशन। कोटा मुक्त विश्वविद्यालय, राजस्थान, नालन्दा मुक्त विश्वविद्यालय, बिहार, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश में पाठ्य लेखन ।

सम्मान/पुरस्कार : भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार भारत सरकार, धर्मवीर भारती पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उत्तर प्रदेश से विभूषित।

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