Ulti Ginti

Economics
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कोविड महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ऐसे समय तहस-नहस कर दिया जब यह पहले से ही गहरे ढाँचागत मन्दी से जूझ रही थी। करोड़ों लोगों के रोजगार गँवा देने और उनके सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने गाँव लौटने के बीच शेयर बाजार न केवल तेजी से पटरी पर लौटा बल्कि जल्दी ही ऊँचाइयों पर पहुँच गया।

2020 के भारत में चरम आर्थिक असमानता जिस तरह प्रमुखता से दिखाई दे रही है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई।

बेहद सख्त लॉकडाउन थोपे जाने का सिलसिला शुरू होने के एक साल बाद, ‘उलटी गिनती’ इस आपदा के आर्थिक परिणामों/प्रभावों की समझ बनाने की कोशिश करती है और इसकी पड़ताल करती है कि क्या भारत सुधार-प्रक्रिया की कुछेक अहम उपलब्धियों यानी प्रतियोगिता और गरीबी में तेज गिरावट को, उलटने के करीब है।

भारत के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है। यहाँ तक कि बढ़त के सर्वोत्तम सालों के दौरान, भारत पर्याप्त रोजगार पैदा करने या मानव विकास की दिशा में ठोस प्रगति करने में विफल रहा। अब जनसांख्यिकी लाभांश के दौर के अन्तिम दशक में, भारत की अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के लिए एक साहसिक नजरिए की जरूरत है।

‘उलटी गिनती’ सतत सुधार के लिए एक खाका पेश करती है जो भारत को तेज बढ़त की पटरी पर वापस ला सकता है और न्यूनतम सम्भव समय में उसकी युवा आबादी के लिए करोड़ों रोजगार पैदा कर सकता है।

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2021
Edition Year 2021, Ed. 1st
Pages 288p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Sarthak (An imprint of Rajkamal Prakashan)
Dimensions 20 X 13 X 2
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Editorial Review

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Anshuman Tiwari

Author: Anshuman Tiwari

अंशुमान तिवारी

अंशुमान तिवारी इंडिया टुडे’ (हिन्दी) के सम्पादक हैं। वे आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार, लेखक और नीति-विश्लेषक के रूप में खासे प्रतिष्ठित हैं तथा पत्रकारिता के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किए जा चुके हैं। The lallantop.com से प्रसारित होनेवाला इनका शो ‘अर्थात’ अर्थशास्त्र सम्बन्धी सबसे लोकप्रिय साप्ताहिक कार्यक्रमों में शुमार है।

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