Sapanon Ka Ganit

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Sapanon Ka Ganit
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सभ्यता, संस्कृति और शुचिता की बदलती हुई परिभाषाओं के इस दौर में अपने समय को दर्ज करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। ‘सपनों का गणित’ की कहानियाँ अपने समय के इस द्वन्‍द्व को रेखांकित करती हैं और आत्मचिन्तन तथा आत्मविश्लेषण के लिए हमें प्रवृत्त करती हैं। निर्भीक होना हर दौर में लेखन की बुनियादी शर्त रही है। यह सुखद है कि लेखक अपनी पूरी ताक़त से इन स्थितियों से मुठभेड़ करता है और समस्याओं से कन्नी काटकर निकलने का कोई प्रयास इन कहानियों में नहीं है। इन कहानियों के माध्यम से हम सच...और परोसे जा रहे सच...के अन्तर को भी समझ सकेंगे। 

अपेक्षाओं का भंग होना आज एक गम्भीर समस्या है और आम जन हर मोर्चे पर ख़ुद को छला हुआ महसूस कर रहा है। लेखक ने इस पीड़ा को समझा है और अपनी कहानियों के माध्यम से अभिव्यक्ति दी है।

पाठकों और आलोचकों—दोनों की पसंद की कसौटी पर खरा उतरना लेखक के लिए कठिन हो सकता है, लेकिन अपनी कहानियों के माध्यम से राजेन्द्र श्रीवास्तव इस सन्तुलन को साधते हैं। पठनीयता और गुणवत्ता दोनों के मेल से ही यह सम्भव हो सकता है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2020
Edition Year 2020, Ed. 1st
Pages 130p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2
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Rajendra Shrivastava

Author: Rajendra Shrivastava

राजेन्द्र श्रीवास्तव

शिक्षा : बी.एससी., बी.ए. (अंग्रेज़ी साहित्य), एम.ए. (हिन्दी), पीएच.डी. (हिन्दी)

प्रकाशित कृतियाँ : ‘अभी वे जानवर नहीं बने’, ‘कोई तकलीफ़ नहीं’, ‘दुःखाच सावज’ (कहानी-संग्रह); ‘सुबह के इन्तज़ार में’ (नाटक); ‘काग़ज़ की ज़मीन पर’ (सम्पादक); ‘हिन्दी कहानी : उद्‍भव और विकास’, ‘हिन्दी उपन्यास : उद्‍भव और विकास’ (आलोचना)। विश्वविद्यालयों के लिए कुल दो पुस्तकों का लेखन।

सम्मान व पुरस्कार : महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित, महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादेमी का ‘मुंशी प्रेमचंद पुरस्कार’, ‘विष्णुदास भावे पुरस्कार’, ‘शब्द-निष्ठा सम्मान’, ‘आशीर्वाद पुरस्कार’, ‘कलमकार पुरस्कार’, ‘आन्‍तरभारती साहित्य पुरस्कार’, ‘हिन्दीश्री सम्मान’, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा ‘हिन्दी-सेवी सम्मान’ आदि। ‘सारिका’ द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर रचना पुरस्कृत। 

आकाशवाणी द्वारा नाटकों और कहानियों का नियमित प्रसारण। दूरदर्शन और टी.वी. चैनलों पर भाषा व साहित्य विषयक साक्षात्कार। विभिन्न नाटकों का प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा मंचन। विभिन्न राज्यों के पाठ्यक्रमों में रचनाओं का समावेश। रचनाओं का विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद। विश्वविद्यालयों के बोर्ड ऑफ़ स्टडीज़ के सदस्य के रूप में नामांकित।

सम्प्रति : राष्ट्रीयकृत बैंक में कार्यपालक।

ई-मेल : rajendra2012s@gmail.com

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