Raja Rammohan Rai : Jeevan Aur Darshan

Author: K. C. Dutt
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Raja Rammohan Rai : Jeevan Aur Darshan

प्रस्तुत पुस्तक ‘राजा राममोहन राय’ अब तक मुद्रित अंग्रेज़ी और बांग्ला में उपलब्ध प्रमाणित ग्रन्थों और दस्तावेज़ों पर आधारित राममोहन राय पर एक पूर्णांग जीवनी है तथा भारतीय पुनर्जागरण के परिप्रेक्ष्य में धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक आन्दोलनों में राममोहन की भूमिका पर संक्षिप्त विवेचन है जीवन भाग के लिए मुख्यतः सोफ़िया डॉबसन कोलेट की अंग्रेज़ी पुस्तक और नागेन्द्रनाथ व चट्टोपाध्याय की पुस्तक का आधार लिया गया है

पुस्तक चार खंडों में विभाजित है पहले खंड में तत्कालीन भारत की ऐतिहासिक, धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थिति की संक्षिप्त रूपरेखा खींची गई है दूसरा भाग मोटे तौर पर राममोहन के संघर्षमय जीवन की चमत्कारपूर्ण गाथा है तीसरा खंड उनके कृतित्व और विचार दर्शन पर संक्षिप्त विवेचन से सम्बन्धित है इस खंड में आलोचना के प्रसंग में कभी-कभी विचारों और घटनाओं की पुनरावृत्ति हो गई है जो एक सीमा तक अपरिहार्य थी, इसी से बचा नहीं जा सका

परिशिष्ट खंड में कुछ मूल अंग्रेज़ी दस्तावेज़ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और जिज्ञासु पाठकों की सुविधा और सूचना को ध्यान में रखकर दिया गया है पुस्तक में मूल अंग्रेज़ी उद्धरण भी इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिए गए हैं

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Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2010
Edition Year 2010, Ed. 1st
Pages 419p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2.5
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Author: K. C. Dutt

के.सी. दत्त

जन्म : 7 जुलाई, 1930

शिक्षा : प्रारम्भिक शिक्षा देहरादून में हुई और बाद में बनारस तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय में। हिन्‍दी और अर्थशास्‍त्र में एम.ए.।

चालीस वर्षों तक पुस्तकालय सेवा से जुड़े रहे। 1990 में साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली के पुस्तकाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त। साहित्य अकादेमी, इंडियन काउंसिल ऑफ़ कल्चरल रिलेशन्स, अमेरिकन लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस आदि संस्थाओं के कई प्रकल्पों से जुड़े यूनेस्को द्वारा प्रायोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन, पेरिस में 1987 में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व।

प्रकाशन : हिन्दी में—‘राजा राममोहन राय’ (1993); अंग्रेज़ी में—‘नेशनल बिब्लिओग्राफ़ी ऑफ़ इंडियन लिटरेचर’—भाग 5 (1990); ‘एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ इंडियन लिटरेचर’—भाग 6 (1994); ‘हूज हू ऑफ़ इंडियन राइटर्स’ (2000) आदि।

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