Pahachan Uttar Pradesh

Sociology
500%
() Reviews
You Save 20%
Out of stock
SKU
Pahachan Uttar Pradesh

अनेक दृष्टियों से उत्‍तर प्रदेश भारत का सबसे महत्त्‍वपूर्ण प्रान्‍त रहा है। प्रदेश की कुल जनसंख्‍या का सवाल हो या संसद में सांसदों की संख्‍या का, उत्‍तर प्रदेश का स्‍थान सर्वोपरि है। उत्‍तर प्रदेश को यह भी श्रेय प्राप्‍त है कि इसने दुनिया के अपने सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश को सबसे अधिक संख्‍या में प्रधानमंत्री भी दिए हैं।

उत्‍तर प्रदेश को अपना वर्तमान नाम 26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के साथ-साथ प्राप्‍त हुआ। 1937 से 1950 तक इसे यूनाइटेड प्रॉविन्‍सेज (संयुक्‍त प्रान्‍त) के नाम से पुकारा जाता था।

इस नयनाभिराम प्रस्‍तुति में उत्‍तर प्रदेश की बहुआयामी, बहुरंगी और विविधता-सम्‍पन्‍न सांस्‍कृतिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक और राजनीतिक विरासत को रेखांकित करने का प्रयास किया गया है। आज़ादी से पहले और बाद के उत्‍तर प्रदेश में घटित हुई घटनाओं से लेकर यहाँ की परम्‍पराओं, साहित्‍य, कला, संगीत-नृत्‍य, रंगमंच के साथ-साथ यहाँ के नगरों को आधार बनाकर विद्वानों द्वारा लिखे गए आलेखों के माध्‍यम से कोशिश की गई है कि इस अनूठे प्रान्‍त की एक पूरी तस्‍वीर पाठकों को मिल जाए।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2002
Edition Year 2002, Ed. 1st
Pages 456p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 27.5 X 22 X 3
Write Your Own Review
You're reviewing:Pahachan Uttar Pradesh
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Author: Kumkum Sharma

कुमकुम शर्मा

 

Read More
Books by this Author

Back to Top