Hindi Yatra-Sahitya

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Hindi Yatra-Sahitya
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मनुष्य की सृजनात्मक कृतियों में यात्रा संस्मरणों की बहुमूल्य सहभागिता और अक्षय अवदान को पाश्चात्य साहित्य के साथ - साथ हिन्दी साहित्य में भी स्वीकार किया गया है किन्तु हिन्दी में , उसे अपेक्षित प्रतिष्ठा नहीं मिली है निःसन्देह यह अपने बलबूते एक स्वतन्त्र विधा होने का सामर्थ्य रखता है इसके कई कारणों में एक भारतीयों की आत्ममुग्धाता होकर , उनका वह जीवन दर्शन है , जिसमें परम देव - सत्ता को ही सब - कुछ मान लिया जाता है ' सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज , श्रीमद्भगवद्गीता , 18 वाँ अध्याय किन्तु इस महान् देश की चेतना और संवेदना , समस्त सृष्टि में परिव्याप्त सत्यम् शिवम् और सुन्दरम् को भी अपनी स्पन्दित स्मृतियों में सँजोती - सँवारती रही है फलस्वरूप आधुनिक हिन्दी साहित्य में गद्य का विकास , आवागमन और मुद्रण की सुविधा एवं पत्र पत्रकारिता के प्रसार के साथ भूमण्डलीय सम्पर्क तथा संचार साधनों की वृद्धि के कारण हुआ इससे , विशेषतः हिन्दी - साहित्य के अन्तर्गत , यात्रा संस्मरण के लेखन - क्षेत्र में निरन्तर अपूर्व सक्रियता दिखायी देती रही है निःसन्देह हिन्दी का यात्रा - साहित्य भी काल क्रम में हिन्दी का ही नहीं , राष्ट्र की बहुमूल्य निधि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2021
Edition Year 2021, Ed. 1st
Pages 232p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
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Editorial Review

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Author: Shashi Shekhar Tiwari

शशिशेखर तिवारी

जन्म 14 जनवरी , 1938 . में भागलपुर जिला स्थित कैरिया ग्राम में हुआ शिक्षा प्राथमिक शिक्षा मुंगेर और राँची में हुई 1962 ईस्वी में के.एम. इन्स्टीट्यूट ऑफ लिंगुविसटिक्स , आगरा से भाषा - विज्ञान के अन्तर्गत पी - एच.डी . उपाधि मुजफ्फरपुर , गया और बोधगया के विश्वविद्यालयों में शिक्षण गतिविधियाँ भागलपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में अध्यक्ष पद पर आसीन रहे बिहार सरकार ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष पर पर भी नियुक्त किया 1964 . में त्रिनीदादा टोबैगो में आयोजित विश्व हिन्दी सम्मेलन के तत्त्वावधान में भाषा - विज्ञान संगोष्ठी की अध्यक्षता केन्द्रीय सरकार के पाँच मंत्रालयों की हिन्दी सलाहकार समितियों के सदस्य साहित्य अकादेमी , दिल्ली के सदस्य पद का दायित्व सम्मान : भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय द्वारा ' हिन्दी यात्रा - साहित्य ' के उच्चस्तरीय लेखन के लिए सीनियर फेलोशिप सम्मानार्थ दिया गया साहित्य सेवा भाषा - विज्ञान , तुलनात्मक साहित्य , लोकवार्त्ता , सांस्कृतिक इतिहास , अनुवाद आदि विषयों पर शोध - पत्र तथा कई पुस्तकें प्रकाशित हैं 

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