Ek Baat Kahni Hai

Poetry
Author: Salman Akhtar
Editor: Salman Akhtar
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Ek Baat Kahni Hai
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जब शायर कोई बात कह रहा होता है तो कहे का ज़ाविया बदलकर उसे छुपा भी रहा होता है और इस खेल में जो बाँकपन पैदा होता है

वही शायरी का हुस्न है। जहाँ यह बाँकपन नहीं, वहाँ शायरी नहीं।

कई बार शायर बस एक तिनका छिपाता है और पढ़ने वाले उसमें पूरा जंगल खोज लेते हैं।

आप जब संग्रह के पन्नों से गुज़रेंगे तो आपकी मुलाक़ात शायर के छुपाए मा’नियों से भी होगी और उनसे भी जो आपके भीतर पोशीदा हैं।

यह एक ऐसे शायर के कलाम की किताब है जिसने न सिर्फ़ सारी दुनिया देखी है बल्कि बदलावों से भरे पिछले साठ-सत्तर साल भी।

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2022
Edition Year 2022, Ed. 1st
Pages 200p
Translator Not Selected
Editor Salman Akhtar
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1
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Editorial Review

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Salman Akhtar

Author: Salman Akhtar

सलमान अख़्तर

सलमान अख़्तर का जन्म 31 जुलाई, 1946 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने ए.एम.यू., अलीगढ़ से एम.बी.बी.एस. और पी.जी.आई.एम.ई.आर., चंडीगढ़ से एम.डी. (मनोचिकत्सा) करने के बाद अमेरिका में मनोचिकित्सा और मनोविश्लेषण का अध्ययन किया और प्रशिक्षण लिया। वे उर्दू और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में समान रूप से लिखते हैं। उनकी सभी उर्दू किताबें एक ही जिल्द में हिन्दी में भी लिप्यंतरित हैं।

उन्होंने मनोचिकित्सा व मनोविश्लेषण विषयक कई किताबों का लेखन तथा 89 किताबों का सम्पादन और सह-सम्पादन किया है। उनके 400 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित हैं। प्रमुख कृतियाँ हैं—कू-ब-कू’, ‘दूसरा घर’, ‘नदी के पास’, ‘ग़ज़ल@इंग्लिशजंक्शन’, ‘सोच समझ’, ‘तीसरा शहर’, ‘बन्द गली का मकान’, ‘मीरनामा’, ‘देर रात का सूरज’ (उर्दू और हिन्दी); ‘The Hidden Knot’, ‘Conditions’, ‘Turned to Light’, ‘After Landing’, ‘Blood and Ink’, ‘Freshness of the Child’, ‘Symptoms of Belonging’, ‘This is What Happened’, ‘Keys and Caveats’ (अंग्रेज़ी)।

कई अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित सलमान फ़िलहाल जेफ़रसन मेडिकल कॉलेज, फ़िलाडेलफ़िया, अमेरिका में मनोचिकित्सक और मनोविश्लेषण के प्रोफ़ेसर तथा साइकोएनालिटिक सेंटर, फ़िलाडेलफ़िया के सुपरवाइज़िंग ट्रेनिंग एनालिस्ट हैं।

सम्पर्क : salman.akhtar@jefferson.edu

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