Dr. Lohia Ka Samajwad

Discourse
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Dr. Lohia Ka Samajwad

भारतीय समाजवाद के आकाश में डॉ. राममनोहर लोहिया का उदय एक ऐतिहासिक घटना थी। उनका सम्पूर्ण जीवन सदियों से उपेक्षित रहे लोगों के प्रति समर्पित था—फिर चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या वर्ग का हो। यही कारण है कि समाजवाद के पुरोधा के रूप में उनका नाम हमेशा अग्रणी रहा है।

समाजवादी चिन्तक प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा प्रणीत यह पुस्तक डॉ. लोहिया के अक्षय व्यक्तित्व एवं कृतित्व का बहुआयामी मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। डॉ. लोहिया की वैश्विक दृष्टि की व्यापकता का संज्ञान कराती एवं सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में उन्हें प्रतिष्ठित करती हुई यह कृति एक नया चिन्तन प्रस्तुत करती है। डॉ. लोहिया का जीवन-संघर्ष निरन्तर सामाजिक या उत्थानवादी चेतना के द्वन्द्व को रूपायित करता है। आर्थिक ग़ैर-बराबरी दूर करने और समतामूलक समाज बनाने में उनका चिन्तन मार्क्सवादियों से भिन्न था।

भारतीय समाजवाद के प्रवर्तक डॉ. लोहिया की 105वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में प्रो. यादव द्वारा रचित इस किताब की उपादेयता समाजवाद के विकास की दिशा में एक अमूल्य योगदान है। पुस्तक की उपादेयता इस अर्थ में भी बढ़ जाती है कि यह लोहिया जी के व्यक्तित्व और उनकी निज परिमार्जित की हुई विचारधारा और उनके योगदान सब पर समुचित प्रकाश डालती है।

More Information
LanguageHindi
FormatHard Back
Publication Year2015
Edition Year2015, Ed 1st
Pages272p
TranslatorNot Selected
EditorNot Selected
PublisherRajkamal Prakashan
Dimensions22 X 14 X 1.5
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Editorial Review

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Ramgopal Yadav

Author: Ramgopal Yadav

प्रो. रामगोपाल यादव

उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले के गाँव सैफई में 29 जून, 1946 को जन्म हुआ।

आगरा विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में एम.एससी. तथा कानपुर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एम.ए. एवं पीएच.डी. की। के.के. पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज इटावा में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता, राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता एवं रीडर रहे। चौधरी चरण सिंह पी.जी. कॉलेज हेवरा, इटावा में लम्बी अवधि तक प्राचार्य रहे।

जनवरी, 1989 में इटावा ज़िला परिषद् के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। जुलाई, 1992 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित। 1998 में पुनः राज्यसभा के लिए निर्वाचित। मई, 2004 में 14वीं लोकसभा के लिए संभल लोक सभा क्षेत्र से निर्वाचित्र! नवम्बर, 2008 में राज्यसभा के लिए तीसरी बार निर्वाचित तथा पुनः नवम्बर, 2014 में चौथी बार राज्यसभा के सदस्य बने।

संसद में पेट्रोलियम एवं कृषि सम्बन्धित स्थायी समितियों के अध्यक्ष तथा राज्यसभा की एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष रहे।

सम्प्रति : राज्यसभा में समाजवादी पार्टी संसदीय दल के नेता एवं समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव हैं।

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