यह उपन्यास मज़हब और इनसानियत के बीच चलनेवाली एक अजीबो-ग़रीब कशमकश की कहानी है। एक ऐसे लड़के की दास्तान जिसे हिन्दू या फिर मुसलमान होने का मतलब ठीक से नहीं पता। मालूम है तो सिर्फ़ इतना कि वह एक इनसान है, जिसकी सोच और समझ किसी मज़हबी गाइडलाइन की मोहताज नहीं है।

असल में इस उपन्यास की कहानी के बहाने भारतीय समाज के उस धार्मिक ताने-बाने को उकेरने की कोशिश की गई है जो मज़हब और नफ़रत की राजनीति के उभरने से पहले देश के शहरों और क़स्बों की विरासत था, जहाँ मुसलमान अपने धर्म के प्रति सजग रहते हुए भी इस तरह बचाव की मुद्रा में नहीं होते थे, जैसे आज हैं।

उपन्यास का नायक अलीम अहमद उर्फ़ अल्लन उसी माहौल का रूपक रचता है और अपनी सहज और स्वतःस्फूर्त धार्मिकता के साथ हिन्दू और मुसलमान दोनों धर्मों की सीमाओं के परे चला जाता है। उपन्यास में कम उम्र में होनेवाले प्रेम की तीव्रता, एक मुस्लिम परिवार की आर्थिक तंगी, पीढ़ियों के टकराव और एक बच्चे के मनोविज्ञान का भी बख़ूबी अंकन हुआ है।

बनारस की पृष्ठभूमि में लिखे गए इस उपन्यास में कई जगह भद्दी गालियाँ हैं और कहीं-कहीं हालात से उपजी अश्लीलता भी। लेकिन इस सबके बावजूद यह उपन्यास अपने आप में मुकम्मल है और कई बार दिल को छूता है। आँखों की कोर गीली कर जाता है।

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Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2009
Edition Year 2009, Ed. 1st
Pages 184P
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1.5
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Syed Zaigham Imam

Author: Syed Zaigham Imam

सैयद ज़ैग़म इमाम

जन्म : 2 जनवरी, 1982 को बनारस में।

शिक्षा : शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बनारस के क़स्बे चंदौली (अब ज़िला) में। 2002 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद से हिन्दी साहित्य, प्राचीन इतिहास में स्नातक। 2004 में माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ जर्नलिज़्म (भोपाल, नोएडा) से मास्टर ऑफ़ जर्नलिज़्म की डिग्री।

2004 से पत्रकारिता में। ‘अमर उजाला’ अख़बार और ‘न्यूज़ 24’ (न्यूज़ चैनल) के बाद फ़िलहाल ‘टीवी टुडे नेटवर्क’ (नई दिल्ली) के साथ। सराय सीएसडीएस (सेंटर फ़ॉर द सर्वे ऑफ़ डेवलपिंग सोसाइटीज़) की ओर से 2007 में इंडिपेंडेंट फ़ेलोशिप। उपन्यास लिखना सबसे ज़्यादा पसन्द। फ़िलहाल प्रेम पर आधारित दूसरे उपन्यास को पूरा करने में व्यस्त। उपन्यास के अलावा कविता, ग़ज़ल, व्यंग्य और कहानियों में विशेष रुचि। कई व्यंग्य, कविताएँ और कहानियाँ प्रकाशित।

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