Bawan Chitthiyan

Raza Pustak Mala,Prose Poetry
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Bawan Chitthiyan
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‘‘रज़ा पुस्तक माला में युवा लेखकों और ग़ैर-रस्मी लेखन को विशेष स्थान देने की हमारी चेष्टा है। कवि का गद्य वैसे भी सामान्य गद्य से अलग रंगत का होता है। कवयित्री बाबुषा कोहली की 'बावन चिठ्ठियाँ’ मनीष पुष्कले के रेखांकनों के साथ प्रस्तुत करते हुए हमें प्रसन्नता है। उनमें बहुत कुछ है जो असाधारण है, असाधारण को अनायास छूता-ज़ाहिर करता है।’’

—अशोक वाजपेयी

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Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2018
Edition Year 2018, Ed. 1st
Pages 264P
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2
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Editorial Review

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Babusha Kohli

Author: Babusha Kohli

बाबुषा कोहली

6 फरवरी, 1979; कटनी (म.प्र.) में जन्म। 

केवी नं. 1, जबलपुर में कार्यरत।

पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित। पहला कविता-संग्रह 'प्रेम गिलहरी दिल अखरोट’ भारतीय ज्ञानपीठ से।

दो शॉर्ट फ़‍िल्मों ‘जंतर’ व ‘उसकी चिठ्ठियाँ’ का निर्माण व निर्देशन।

भारतीय ज्ञानपीठ का दसवाँ नवलेखन पुरस्कार। ज़‍िला प्रशासन जबलपुर व म.प्र. पुलिस के संयुक्त तत्त्वावधान में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस—2015 का ‘विशिष्ट प्रतिभा सम्मान’।

ट्रेंड इंडियन कंटेम्पररी नृत्यांगना, संगीत और यायावरी में रुचि।

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