Varshingtan Postmarch

Fiction : Stories
500%
(0) Reviews
As low as ₹90.00 Regular Price ₹150.00
You Save 40%
In stock
Only %1 left
SKU
Varshingtan Postmarch
- +

‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ जापान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ओका शूज़ो की पुस्तक ‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ का हिन्दी अनुवाद मानसिक और शारीरिक रूप से अविकसित बच्चों के सामाजिक परिवेश का एक संवेदनशील संग्रह है जिसे डॉ. उनीता सच्चिदानन्द और जापान की योशिको ओकागुची ने मिलकर सम्पन्न किया है। दो भागों में प्रकाशित इस कथा-संग्रह में ऐसे बच्चों की सहज इच्छाओं और अनुभूतियों का सघन चित्रण है।

‘मेरी दीदी’ ओर ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ पर फ़िल्म भी बन चुकी है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2002
Edition Year 2002, Ed. 1st
Pages 92p
Translator Yoshika Okaguchi
Editor Unita Sachchidanand
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
Write Your Own Review
You're reviewing:Varshingtan Postmarch
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

Author: Oka Shuzo

ओका शूज़ो

ओका शूज़ो चालीस वर्ष की उम्र तक अपंग बच्चों के विद्यालय में अध्यापक के तौर पर कार्यरत रहे। तत्पश्चात् शरीर रोगग्रस्त रहने लगा। इन्होंने स्कूल की नौकरी छोड़ अपना पूरा समय लेखन-कार्य में लगाना आरम्भ किया। इन्होंने शरीर से लाचार बच्चों के अनुभवों को अपने लेखन का विषयवस्तु बनाया।

Read More
Books by this Author

Back to Top