Poorvi Uttar Pradesh Ki Bhautik Sanskriti

As low as ₹390.00 Regular Price ₹600.00
You Save 35%
In stock
Only %1 left
SKU
Poorvi Uttar Pradesh Ki Bhautik Sanskriti
- +

‘पूर्वी उत्तर प्रदेश की भौतिक संस्कृति’ (प्रागैतिहासिक युग से उत्तर मुग़ल युग तक) नामक कृति एक साधक अध्येता की अनुसन्धान-यात्रा की फलश्रुति है। पुस्तक में लेखनी ने प्रागैतिहासिक युग से लेकर लगभग अट्ठारहवीं शती तक मानव अधिवास के प्राचीन क्षेत्र वर्तमान पूर्वी उत्तर प्रदेश की भौतिक संस्कृति के विविध पक्षों के साहित्यिक एवं पुरातात्त्विक स्रोतों के आधार पर रूपायित करने का श्लाघनीय प्रयास किया है। बुद्ध पूर्वकाल के षोडश महाजनपदों में प्रमुख काशी, कोशल, वत्स का यह क्षेत्र राजनीतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भारतीय भूभाग का केन्द्रीय अधिभाग रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास गौरवस्पद रहा है।

यह कृति अपनी परिकल्पना तथा प्रस्तुति की दृष्टि से अभिनन्दनीय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे प्राचीन समृद्ध क्षेत्र के सुदीर्घ कालखंड को समवेत रूप से जहाँ एक ओर धर्म, समाज, राज्य, राज्यादर्श, नगर प्रशासन, भौतिक प्रगति के व्यापार, शिल्प, संगठन एवं शिक्षा को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र की वन सम्पदा के आधार पर पर्यावरणीय महत्त्व को भी नवीन अध्येताओं की दृष्टि से उपयोगी बनाया गया है। इस प्रकार ग्रन्थ की संयोजना और विषयगत प्रस्तुति स्रोतों की गवेषणा के साथ हुई है जिससे भौतिक संस्कृति के विविध आयामों की शोधपरकता में लेखक को सफलता प्राप्त हुई है।

यह कृति ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन में उपयोगी तथा पठनीय है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2019
Edition Year 2019, Ed. 1st
Pages 204p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Write Your Own Review
You're reviewing:Poorvi Uttar Pradesh Ki Bhautik Sanskriti
Your Rating
Ram Bihari Upadhyay

Author: Ram Bihari Upadhyay

रामबिहारी उपाध्याय

जन्म : 2 जुलाई, 1956

शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी.

अध्यापन : 10 वर्ष तक स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं में।

पुरस्कार : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और भारतीय इतिहास अनुसन्धान परिषद, नई दिल्ली द्वारा पुरस्कृत। कई शोध-परियोजनाओं पर राष्ट्रीय पुरस्कार।

प्रकाशन : चार दशक से देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में शोधात्मक लेख प्रकाशित।

सम्प्रति : पिछले कई वर्षों से अध्यक्ष, कोशल शोध संस्थान, बराँव, जनपद—अम्बेडकरनगर (उ.प्र.)

 

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top