Police Aur Samaj

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Police Aur Samaj

डॉ. एस. अखिलेश द्वारा लिखी गई यह पुस्तक ‘पुलिस और समाज’ एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक पुलिस अनुसन्‍धान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समस्त देश की पुलिस प्रशिक्षण-शालाओं के लिए अनुशंसित पाठ्‌यक्रम के अनुरूप है। इस पुस्तक की रचना के सम्बन्ध में लेखक की विषय पर पकड़, मौलिक विचार और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशंसनीय है। पुस्तक के सत्रह अध्याय इस प्रकार हैं : ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता-आन्दोलन’, ‘प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का योगदान’, ‘संविधान की प्रमुख विशेषताएँ’, ‘मौलिक अधिकार : कर्तव्य एवं नीति-निर्देशक सिद्धान्त’, ‘स्वाधीन भारत में राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन और उनका पुलिस पर प्रभाव’, ‘समाज के दुर्बल वर्ग के लोगों का उत्थान’, ‘राजनीतिक दलों का संगठन एवं उनकी विचारधाराएँ’, ‘राष्ट्रीय एकीकरण’, ‘प्रमुख सामाजिक समस्याएँ’, ‘प्रमुख तात्कालिक घटनाएँ’, ‘मानव व्‍यवहार’, ‘पुलिस की छवि’,

‘लोक-सम्‍पर्क एवं लोक-सम्‍पर्क अधिकारी’, ‘पुलिस-आचरण के सिद्धान्‍त एवं दृष्टिकोण’, ‘पुलिस का व्‍यवहार’, ‘नीति और नैतिकता’, ‘शिष्‍टाचार’, ‘नागरिक अधिकार एवं स्‍वतंत्रताएँ’।

निस्‍सन्‍देह, अपने विषय उद्देश्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कृति।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 1995
Edition Year 1995, Ed. 1st
Pages 393p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 2
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Editorial Review

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Author: S. Akhilesh

एस. अखिलेश

डॉ. एस. अखिलेश प्रारम्भ से ही एक मेधावी छात्र रहे हैं। इन्‍होंने 1988 में बी.ए. व 1990 में एम.ए. (समाजशास्त्र) प्रथम श्रेणी से, प्रथम स्थान प्राप्त कर ‘रमाकुमार सिंह स्मृति स्वर्णपदक’ अर्जित किया। जवाहरलाल नेहरू नीति-शोध केन्द्र, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से इन्‍होंने 1991 में सर्वोच्च अंकों से एम.फ़ि‍ल्. एवं 1994 में ‘जुविनाइल डिलिनक्वेंसी इन रीवा, सीधी एंड सतना डिस्ट्रिक्स ऑफ़ एम.पी.—1983-1991’ विषय पर डॉक्टर ऑफ़ फ़िलाफ़ी की उपाधि अर्जित की। इनका यह शोधकार्य अपने विषय में म.प्र. का पहला एवं मौलिक शोध है।

म.प्र. शासन गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशन पर आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. शुक्ल प्रदेश वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री शिवमोहन सिंह द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। इन्‍होंने पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो, भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रमों के अनुरूप देश के पुलिस प्रशिक्षणार्थियों हेतु दो पुस्तकें—‘आधुनिक भारत और पुलिस की भूमिका’ एवं ‘पुलिस और समाज’—लिखी हैं। डॉ. शुक्ल म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर इस समय पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र, रीवा में कार्यरत हैं।

डॉ. शुक्ल ने भारत सरकार की बाल विकास, महिला कल्याण एवं जनजातीय विकास नीतियों पर अनेक शोध-कार्य किए हैं। देश के विभिन्न शोध-पत्रिकाओं में इनके शोध-पत्र प्रकाशित होते रहे हैं।

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