Pet Rog : Vyavharik Baten

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Pet Rog : Vyavharik Baten
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शरीर के अन्य रोगों की भाँति पेट के रोगों के निदान (Diagnosis) एवं इलाज (Treatment) के ढंग में भी आमूल-चूल बदलाव आया है। एक साधारण व्यक्ति को पेट के रोगों के बारे में कम से कम इतनी जानकारी होनी चाहिए कि वह सही ढंग से अपने रोग को समझ सके तथा सही समय पर उचित इलाज करा सके।

इस पुस्तक के माध्यम से पेट के रोगों के आधुनिक विचारों पर एक विहंगम दृष्टि डालने का प्रयास किया गया है। पेट के रोगों की वर्तमान अवधारणा तथा उनके आधुनिक इलाज की समझ एवं जानकारी ही आम जनता को भटकने से बचा सकती है। इस पुस्तक का उद्देश्य आम जनता को सरल एवं व्यावहारिक बातें बताना है जिससे वे रोज़मर्रा की ज़‍िन्दगी में पेट रोगों से बच सकें एवं स्वस्थ जीवन जी सकें।

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2010
Edition Year 2019, Ed. 10th
Pages 104p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 0.5
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Editorial Review

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B.K. Agarwal

Author: B.K. Agarwal

डॉ. बी.के. अग्रवाल

जन्म : 1950; वाराणसी (उत्तर प्रदेश)।

शिक्षा : एम.बी.बी.एस. (1973), एम.डी. मेडिसिन (1977), डी.एम. (गैस्ट्रो-इंट्रोलोजी) (1981), बी.एच.यू. इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (वाराणसी)।

पूर्व विभागाध्यक्ष, गैस्ट्रो-इंट्रोलोजी विभाग, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना। पूर्व उपाध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी ऑफ़ गैस्ट्रो-इंट्रोलोजी। पूर्व अध्यक्ष, सोसाइटी ऑफ़ गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी ऑफ़ इंडिया।

कार्य : कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल तथा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में गैस्ट्रो-इंट्रोलॉजी विभाग की स्थापना में महत्त्वपूर्ण योगदान। बिहार में एंडोस्कोपी उपकरणों के उपयोग की शुरुआत के साथ-साथ अनेक चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया।

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