Mrichchhakatik-Hard Cover

Author: Shudrak
Translator: Mohan Rakesh
Special Price ₹516.75 Regular Price ₹795.00
You Save 35%
ISBN:9788183619035
In stock
SKU
9788183619035
- +

संस्कृत नाटकों की लगभग एक हज़ार वर्ष लम्बी नाट्य-परम्परा में महाकवि शूद्रक की रचना ‘मृच्छकटिकम्’ अपना अद्वितीय स्थान रखती है। इसका हिन्दी रूपान्तर सुप्रसिद्ध कहानीकार और नाटककार मोहन राकेश ने बहुत पहले किया था।

‘मृच्छकटिक’ अर्थात् मिट्टी की गाड़ी जिसमें एक ओर चारुदत्त और वसंतसेना की प्रेमकथा है तो दूसरी ओर उसकी पृष्ठभूमि में तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक परिस्थितियों का ऐसा सशक्त एवं जीवन्त चित्रण है कि वह इस नाटक को अनायास ही प्रत्येक युग के लिए आश्चर्यजनक रूप से समसामयिक बना डालता है। चोर, जुआरी, राजा का साला, शरीर की मालिश करनेवाला और रिश्वतख़ोर कर्मचारी और इन सबके साथ-साथ राजसत्ता को पलटने में सफल लोकक्रान्ति—ये सभी तत्त्व मिलकर इस नाटक को एक ऐसा कलेवर प्रदान करते हैं, जो सम्भवतः पूरे भारतीय नाट्य-साहित्य में दुर्लभ है।

हमें विश्वास है कि अपने रूपान्तर में पाठकों, अध्येताओं और रंगकर्मियों के बीच ‘मृच्छकटिक’ का पुनः वैसा ही स्वागत होगा, जैसा कि पहले संस्करण के समय हुआ था।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 1961
Edition Year 2023, Ed. 4th
Pages 212p
Price ₹795.00
Translator Mohan Rakesh
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14.6 X 2.4
Write Your Own Review
You're reviewing:Mrichchhakatik-Hard Cover
Your Rating

Author: Shudrak

शूद्रक

शूद्रक नामक राजा का संस्कृत साहित्य में बहुत उल्लेख है। ‘मृच्छकटिकम्’ इनकी ही रचना है। जिस प्रकार विक्रमादित्य के विषय में अनेक दंतकथाएँ प्रचलित हैं वैसे ही शूद्रक के विषय में भी अनेक दंतकथाएँ हैं। कादम्बरी में विदिशा में, कथासरित्सागर में शोभावती तथा वेतालपंचविंशति में वर्धन नामक नगर में शूद्रक के राजा होने का उल्लेख है। मृच्छकटिकम् में कई उल्लेखों से ज्ञात होता है कि शूद्रक दक्षिण भारतीय थे तथा उन्हें प्राकृत तथा अपभ्रंश भाषाओं का भी अच्छा ज्ञान था। वे वर्ण व्यवस्था में विश्वास रखते थे तथा गायों और ब्राह्मणों का विशेष आदर करते थे। शूद्रक का समय छठी शताब्दी था।

 

मृच्छकटिकम के अतिरिक्त उन्होने वासवदत्ता, पद्मप्रभृतका आदि की रचना भी की।

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top