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Gopikrishna Gopesh

Gopikrishna Gopesh

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गोपीकृष्ण गोपेश

जीवन के प्रारम्भिक दिनों में गोपेश जी आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े। फिर यहीं से

आकाशवाणी कोलकाता चले गए, फिर कोलकाता से मास्को। वहाँ रेडियो मास्को में

डेपुटेशन पर रहे। वापस लौटकर आकाशवाणी दिल्ली में कुछ दिन रहे। बाद में इलाहाबाद और

दिल्ली विश्वविद्यालयों में रूसी भाषा का अध्यापन किया। मास्को में रहते हुए गोपेश जी

मास्को विश्वविद्यालय में हिन्दी भी पढाते थे और वहाँ के प्रतिष्ठित प्रगति प्रकाशन से भी

जुड़ गए थे। उन्‍होंने अनुवाद के क्षेत्र में भी कई अविस्मरणीय कार्य किया।

प्रमुख कृतियाँ : ‘किरन’, ‘धूप की लहरें’, ‘सोने की पत्तियाँ’, ‘तुम्हारे लिए’। जार्ज गिसिंग, मिखाइल शोलोखोव, अनातोली कुज़्नेत्सोव, फ़्योदोर दोस्‍तोयेव्‍स्‍की आदि कई लेखकों की महत्‍त्‍वपूर्ण कृतियों का अनुवाद।

निधन : 4 सितम्बर, 1974

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