Mannu Bhandari Aur Aapka Banti

Literary Criticism,Reprint
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Mannu Bhandari Aur Aapka Banti

‘आपका बंटी’ पितृसत्तात्मक समाज में अपने अस्तित्व व मातृत्व के नाजुक द्वन्द्व के बीच भूलनेवाली उस स्त्री की कहानी है, जो इन दोनों को बचा ले जाने की कोशिश में कई मोर्चों पर एक साथ लड़ती है। साथ ही, उस बच्चे की भी कहानी है जो निर्दोष होते हुए भी कोशिश के इस तराजू पर लगातार तुलता रहता है। कभी ज़्यादा तो कभी कम।

पितृत्व प्रश्न पर सदैव मौन रहनेवाला यह समाज शकुन के मातृत्व पर उँगली उठाता है। जो पिता पूरे परिदृश्य से ग़ायब है। कहानी दरअसल उसी की सन्दिग्ध भूमिका को शकुन व बंटी के माध्यम से बेपर्दा करने की कोशिश करती है। दायित्वों के निर्वहन में मिलनेवाली सामाजिक छूट का फ़ायदा सिर्फ़ पुरुष को ही क्यों? यह कहानी दरअसल सामाजिक संरचना में स्त्री-पुरुष की समान भागीदारी और उसे बनाए रखने में दोनों के प्रति एक समान सामाजिक व न्यायिक नज़रिया रखने की माँग करती है।

पुस्तक में मन्नू जी द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील मुद्दे को आज के सामाजिक परिप्रेक्ष्य के मद्देनज़र आप तक पहुँचाने की कोशिश की गई है, क्योंकि बंटी सिर्फ़ उनका या हमारा ही नहीं, आपका भी है।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2009
Edition Year 2013, Ed. 2nd
Pages 95p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Editorial Review

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Malvika

Author: Malvika

मालविका

शिक्षा : बी.ए. (ऑनर्स), लेडी श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली से। एम.ए., एम.फ़िल., पीएच.डी. की उपाधि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से रिसर्च फ़ेलोशिप प्राप्त। ‘आपका बंटी एक समाजशास्त्रीय अध्ययन’ विषय पर एम.फ़िल. और ‘यथार्थवाद और जगदीश चन्द्र के उपन्यास’ विषय पर हिन्दी साहित्य के प्रख्यात आलोचक प्रो. मैनेजर पाण्डेय के मार्ग-निर्देशन में पीएच.डी. की उपाधि।

ग़ज़लें, कविताएँ और कहानियाँ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। साहित्य सृजन के अलावा संगीत में भी रुचि। 'देवी दयालु भई' नाम से भक्ति गीतों का एक कैसेट वाणी म्यूज़िक कम्पनी, नई दिल्ली द्वारा रिलीज़।

अल्पकाल के लिए लेडी श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली में हिन्दी साहित्य का अध्यापन।

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