Dhumil Aur Uska Kavya-Sangharsh

Literary Criticism
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Dhumil Aur Uska Kavya-Sangharsh

प्रस्तुत पुस्तक 'धूमिल और उसका काव्य-संघर्ष' पुस्तक में आदमीयत के लिए निरन्तर संघर्षरत धूमिल के रचना-संघर्ष को ही उसके व्यक्तित्व एवं काव्य के सन्दर्भ में व्याख्यापित करने का प्रयास किया गया है। समकालीन हिन्दी कविता में मुक्तिबोध और धूमिल सर्वाधिक चर्चित कवि हैं। उनकी चर्चा का कारण है—उनका काव्यगत रचनात्मक संघर्ष। यद्यपि उनके संघर्ष के आयाम अलग हैं, फिर भी आम आदमी की केन्द्रीय उपस्थिति दोनों की कविता में विद्यमान है। समकालीन समाजवादी सोच की विसंगतियों पर दोनों की ही दृष्टि समान रूप से पड़ी है और मानवीय सन्दर्भ में उसे एक नई इयत्ता देने का प्रयास दोनों ने अपने-अपने मानसिक स्तर पर किया है।

 

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2012
Edition Year 2012, Ed. 3rd
Pages 132p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Editorial Review

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Brahma Dev Mishra

Author: Brahma Dev Mishra

ब्रह्मदेव मिश्र

जन्म : वाराणसी के गौर, मिर्ज़ामुराद में जनवरी, 1935 में।

गोवा विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रोफ़ेसर (सेवानिवृत्त) रहे।

प्रमुख कृतियाँ : ‘स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी समीक्षा सिद्धान्त’, ‘धूमिल और उसका काव्य-संघर्ष’, ‘अज्ञेय का उपन्यास-संसार’।

 

 

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