Awastha

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Awastha
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यू.आर. अनन्तमूर्ति कन्नड़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं। रूढ़ियों और अन्धविश्वासों पर प्रहार उनकी लेखकीय पहचान में शामिल है। अवस्था भी ऐसा ही उपन्यास है जो हमारे मौजूदा हालात के लिए ज़िम्मेदार सामाजिक रूढ़ियों और मानसिक अवरोधों पर चोट करता है।

सूत्रधार के माध्यम से पूरी कथा फ़्लैश-बैक में कही गई है। सूत्रधार स्वयं नायक है और लकवाग्रस्त है। चरवाहा कृष्णप्पा तरक़्क़ी करते हुए विधायक बन जाता है। राजनीतिक गलियारे में उसे रोज़ नित्य नई-नई क्षुद्रताओं का सामना करना पड़ता है और इससे बचाव के तरीक़े भी वह स्वयं तलाश करता है। स्वार्थ सिद्ध करने के लिए उसके आगे-पीछे मतलबपरस्तों की लम्बी क़तार लगी रहती है और अन्ततः अपना सियासी इस्तेमाल देखकर वह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे देता है।

उपन्यास में राजनीतिक भेड़चाल के साथ-साथ एक काव्यात्मक प्रेमकथा भी चलती है। कथा तो बेजोड़ है ही, अपने शिल्प में भी उपन्यास ध्यान आकृष्ट करता है। कृष्णप्पा और गौरी के अलावा और भी कई पात्र हैं जो अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 1980
Edition Year 2023, Ed. 3rd
Pages 189p
Translator Bhalchandra Jayshetti
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 21.5 X 14 X 1
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U.R. Ananthamurthy

Author: U.R. Ananthamurthy

यू.आर. अनन्तमूर्ति

जन्म : 21 दिसम्बर, 1932; मिलिगे नामक गाँव, जिला—शिमोगा (कर्नाटक) में।

शिक्षा : मैसूर विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में एम.ए. और बर्मिंघम विश्वविद्यालय (इंग्लैंड) से पीएच.डी.।

कन्नड़ के प्रख्यात उपन्यासकार और कथा-लेखक। यदा-कदा कविताओं की भी रचना।

सन् 1975 में आयोवा विश्वविद्यालय, 1978 में तुफ्त्स विश्वविद्यालय (अमेरिका) में विज़िटिंग प्रोफ़ेसर और 1985 में आयोवा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय लेखक सम्मेलन में हिस्सेदारी। सन् 1987 से 1991 तक महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम के उप-कुलपति और सन् 1980-1992 के बीच मैसूर विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी के प्रोफ़ेसर-पद पर कार्य। ‘नेशनल बुक ट्रस्ट’, नई दिल्ली के चेयरमैन और ‘साहित्य अकादेमी’ के अध्यक्ष-पद पर भी कार्यरत रहे।

‘भारतीय ज्ञानपीठ’ सहित साहित्य, संस्कृति और फ़िल्म क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित। देश-विदेश में आयोजित अनेक साहित्य-सम्मेलनों में व्याख्यान और अनेक संस्थाओं की मानद सदस्यता। ‘अवस्था’, ‘संस्कार’ आदि उपन्यासों पर फ़िल्मों का निर्माण। अंग्रेज़ी, रूसी, फ़्रेंच, हंगेरियन, हिन्दी, बांग्ला, मलयालम, मराठी, गुजराती आदि भाषाओं में रचनाओं का अनुवाद।

हिन्दी में अनूदित कृतियाँ : ‘संस्कार’, ‘अवस्था’, ‘भारतीपुर’ (उपन्यास); ‘घटश्राद्ध’, ‘आकाश और बिल्ली’ (कहानी-संग्रह); ‘किस प्रकार की है यह भारतीयता’ (निबन्ध)।

निधन: 22 अगस्त, 2014

 

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