Facebook Pixel

Mohan Rakesh : Rang-Shilp Aur Pradarshan-Hard Cover

Author: Jaidev Taneja
ISBN: 9788171197224
Edition: 2026, Ed. 4th
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
Special Price ₹845.75 Regular Price ₹995.00
15% Off
In stock
SKU
9788171197224
- +
Share:
Codicon

मोहन राकेश आधुनिक हिन्दी रंगकर्म की एक विशिष्ट, उत्प्रेरक और प्रखर प्रतिभा थे। उनके नाटकों के तिलिस्म को तोड़ने और उनके वास्तविक महत्त्व को जानने की कुंजी उनके सूक्ष्म, जटिल एवं सम्मोहक रंग-शिल्प में छिपी है। एकाध अपवाद को छोड़कर समकालीन हिन्दी/भारतीय रंगमंच का शायद ही कोई उल्लेखनीय निर्देशक या कलाकार होगा जिसने कभी राकेश का कोई छोटा-बड़ा नाटक न किया हो। इस पुस्तक में पहली बार नाटककार राकेश के रंग-शिल्प के गहन-गम्भीर विश्लेषण के साथ-साथ हिन्दी के अतिरिक्त मराठी, बांग्ला, कन्नड़, गुजराती, पंजाबी, असमिया, मणिपुरी और अंग्रेज़ी इत्यादि भाषाओं में अलग-अलग नाट्य-शैलियों, रंग-रूपों तथा मौलिक व्याख्याओं के साथ देश-विदेश में की गई उनके नाटकों की बहुसंख्य प्रभावशाली प्रस्तुतियों का तथ्यांकन और विवेचन भी किया गया है। राकेश के नाटकों और प्रदर्शनों ने आधुनिक हिन्दी रंगान्दोलन को विकसित एवं समृद्ध करने में ऐतिहासिक भूमिका का निर्वाह किया है। इस भूमिका के सन्दर्भ में ही यहाँ राकेश के महत्त्व और योगदान को रेखांकित करने का प्रयत्न हुआ है।

यह पुस्तक नाटक-रंगमंच समन्वित उस संश्लिष्ट रंग-समीक्षा दृष्टि की ओर इशारा करने की पहल करती है, जिसके बिना किसी भी नाटक का वास्तविक और सन्तुलित मूल्यांकन हो ही नहीं सकता। चिरजीवी नाटककार मोहन राकेश के रंग-शिल्प और प्रदर्शन के बहाने यह पुस्तक समकालीन हिन्दी/भारतीय रंगकर्म की उस गम्भीर, वैविध्यपूर्ण और व्यापक सर्जनात्मक छटपटाहट को भी उजागर करती है, जो किसी भी सार्थक रचना-कर्म की बुनियादी शर्त है।

रंगकर्मियों, शोधार्थियों, अध्यापकों एवं छात्रों के लिए समान रूप से उपयोगी और राकेश के रंग-परिवेश के जिज्ञासु पाठकों/इतिहासकारों के लिए एक दिलचस्प, प्रामाणिक तथा संग्रहणीय दस्तावेज़ी ग्रन्थ।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 1996
Edition Year 2026, Ed. 4th
Pages 388p
Price ₹995.00
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 2.5
Write Your Own Review
You're reviewing:Mohan Rakesh : Rang-Shilp Aur Pradarshan-Hard Cover
Your Rating
Jaidev Taneja

Author: Jaidev Taneja

जयदेव तनेजा

जयदेव तनेजा का जन्म 15 मार्च, 1943 को ओकाड़ा (अब पाकिस्तान में) में हुआ। उनकी मोहन राकेश सम्बन्धी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘लहरों के राजहंस : विविध आयाम’, ‘मोहन राकेश : रंग-शिल्प और प्रदर्शन’, ‘मोहन राकेश : अधूरे रिश्तों की पूरी दास्तान’, ‘मोहन राकेश रचनावली’ (13 खंड), ‘राकेश और परिवेश : पत्रों में’, ‘एकत्र’ (मोहन राकेश की अप्रकाशित-असंकलित रचनाएँ), ‘पुनश्च’ (राकेश और अश्क दम्पति का पत्राचार), ‘नाट् य-विमर्श : मोहन राकेश’, ‘मेरे साक्षात्कार’, ‘दस प्रतिनिधि कहानियाँ’, ‘पूर्वाभ्यास’ (मोहन राकेश के आरम्भिक एकांकी), ‘काँपता हुआ दरिया’ (मोहन राकेश का उपन्यास)।    

वे ‘श्रेष्ठ साहित्यिक कृति पुरस्कार’ (हिन्दी अकादमी), ‘विश्व रंगमंच दिवस सम्मान’ (दिल्ली नाट् य संघ), ‘साहित्यकार सम्मान’ (हिन्दी अकादमी), ‘पं. सत्यदेव दुबे राष्ट्रीय सम्मान’ (रास कलामंच हरियाणा), ‘नाटक सम्मान’ (हिन्दी अकादमी), ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित हैं। ‘नट सम्राट’ (दिल्ली), ‘अंक’ (मुम्बई) ने उन्हें सम्मानित किया है। 2024 में ‘पंचानन पाठक जीवन गौरव सम्मान’ तथा ‘कारवाँ-ए-हबीब सम्मान’ से भी नवाजे गए हैं।

ई-मेल : [email protected]

Read More
Books by this Author
New Releases
Back to Top