Lokraja Shahu Chhatrapati

Author: Ramesh Jadhav
Translator: Sharad Kanbarker
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Lokraja Shahu Chhatrapati

राजर्षि शाहू छत्रपति (1874-1922) कोल्हापुर रियासत के अधिपति थे। अपने अल्पकाल के राज्यशासन में प्रगतिशील सुधारों से आप ‘लोकराजा’ बने। मराठा इतिहास के विशेषज्ञ डॉ. रमेश जाधव ने अपने अनुसन्धान को आधार बनाकर इन्हीं लोकराजा का चरित्र लिखा।

‘लोकराजा शाहू छत्रपति’ ग्रन्थ राजर्षि शाहू छत्रपति के जीवन, कार्य एवं विचारों की जीवन्त व प्रामाणिक कथा अभिव्यक्त करता है। महाराष्ट्र में बीसवीं सदी के प्रारम्भ में अछूतोद्धार, नारी शिक्षा, निःशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा, अन्तरजातीय विवाह, कृषि सुधार, सहकारिता, छात्रावासों की निर्मिति से विभिन्न समुदायों के मध्य समन्वय, कला-क्रीड़ा-संस्कृति उपक्रमों को बढ़ावा इत्यादि प्रजाहितैषी कार्यों से राजर्षि शाहू छत्रपति भारतवर्ष के लिए अनुकरणीय बने। उत्तर प्रदेश में उनकी स्मृति में ज़िला एवं विश्वविद्यालय का निर्माण, संसद भवन में उनकी प्रतिमा की स्थापना उनके सामाजिक कार्यों की महत्ता को रेखांकित करते हैं।

सामाजिक न्याय को सर्वोच्च जीवनमूल्य माननेवाले ‘लोकराजा शाहू छत्रपति’ के इस जीवन चरित को जीवनी लेखन के क्षेत्र में पर्याप्त प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। मराठी से हिन्दी में अनुवाद करते हुए प्रो. शरद कणबरकर ने संवेदना और भाषिक संरचना का विशेष ध्यान रखा है। इस जीवनी को पढ़ना व्यापक सामाजिकता में प्रवेश करना है।

 

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2012
Edition Year 2012, Ed. 1st
Pages 356p
Translator Sharad Kanbarker
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 2.5
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Ramesh Jadhav

Author: Ramesh Jadhav

जन्‍म : 8 अगस्‍त, 1948; कोल्‍हापुर (महाराष्‍ट्र)।

शिक्षा : बी.ए. ऑनर्स, स्वामी विवेकानन्‍द कॉलेज, कोल्हापुर; एम.ए., समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, शिवाजी विद्यापीठ, कोल्हापुर; पीएच.डी., शिवाजी विद्यापीठ, कोल्हापुर।

समाजशास्त्र एवं अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर। कोल्हापुर (महाराष्ट्र) के श्री शहाजी छत्रपति महाविद्यालय तथा 'न्यू कॉलेज' में सन् 1971 से 2008 तक अध्यापन, अब सेवानिवृत्‍त। ‘लोकराजा शाहू’, ‘शाहू छत्रपति एवं लोकमान्य’ तथा ‘कर्मवीर भाऊराव पाटील’ जैसी महत्‍त्‍वपूर्ण पुस्‍तकों का लेखन। समाजशास्त्र व इतिहास सम्बन्धी विभिन्न पुस्‍तकों का लेखन एवं सम्पादन। इतिहास सम्बन्धी अनेक विवादों को सुलझाने हेतु नियुक्त समिति के विशेषज्ञ सदस्य। ‘लोकराजा शाहू’ धारावाहिक का संवाद-लेखन। अनेक पुरस्कारों के साथ शिवाजी विश्वविद्यालय के ‘आदर्श शिक्षक पुरस्‍कार’ (1999) पुरस्कार से सम्मानित। मराठी साहित्य और इतिहास के विशिष्ट अनुसन्‍धाता।

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