Dahan (lok)

Fiction : Stories
Author: Manoj Rupada
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Dahan (lok)
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मनोज रूपड़ा की कहानियाँ बाजदफे आपके पढ़ने की गति को धीमा करती हैं। ऐसा गत्यावरोध संरचनात्मक स्तर पर किन्हीं भारी-भरकम, क्लिष्ट वाक्य-विन्यास से प्रसूत नहीं, न ही अर्थागम के स्तर पर ही। बात दरअसल कुछ और है। एक बार शुरू करने के बाद आप उन्हें जल्दी खत्म नहीं करना चाहते, खत्म करने से डरते हैं। मनोज के यहाँ आपके वे बिसराये पाप बसर करते हैं, आपके मानस तक जिनकी अवैध आमद बस सपनीले साँवले में ही सम्भव है। मनोज में उन गोपनीय पापों को उनकी नंगी संपूर्णता में रखने का माद्दा है। वस्तुतः मनोज की दो पंक्तियों की सन्ध में सरगोशी करते आपके अतीत के ऐसे पाप ही आपकी पढ़त को बारहाँ बाधित करते हैं।

मनुष्य का यही 'बेसिक इंस्टिंक्ट' मनोज की कहानियों का मूलाधार है। यही मनोज के नायकों को आहत करता है, उन्हें दर-ब-दर करता है, तोड़कर पुनर्नवा - 'रीकंस्ट्रक्ट' और 'रिन्यू' करता है। मनोज अपने नायकों के व्यक्तित्व व उनके अहं को बड़ी निर्ममता से विखंडित करते हैं। वे इसे प्रलय के स्तर तक ले जाते हैं, किन्तु वहाँ से लौटते हुए उनका अनाहत अहं सर्जना के उरूज पर प्रतिष्ठित होता है।

मनोज इस हारे हुए समय में मनुष्य की विजय के इकलौते स्मारक हैं। सँभालकर-सँजोकर रखे जाने वाले कथाकार। कयामत से पहले इनकी कहानियों को बचाकर रख लेना चाहिए, ये अगली दुनिया के निर्माण का ब्लूप्रिंट हैं।

More Information
Language Hindi
Format Hard Back, Paper Back
Publication Year 2022
Edition Year 2022, Ed. 1st
Pages 144p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Lokbharti Prakashan
Dimensions 20.5 X 13.5 X 1.5
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Editorial Review

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Manoj Rupada

Author: Manoj Rupada

मनोज रूपड़ा

मनोज रूपड़ा का जन्म 16 दिसम्बर, 1963 को गुजरात में हुआ।

उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘दफ़न और अन्य कहानियाँ’, ‘साज़-नासाज़’, ‘टॉवर ऑफ साइलेंस’, ‘आमाज़गाह’, ‘अनुभूति’, ‘दहन’ (कहानी-संग्रह); ‘प्रतिसंसार’, ‘काले अध्याय’ (उपन्यास); ‘कला का आस्वाद’ (वैचारिक निबन्ध)। लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में उनकी कहानियों के अनुवाद प्रकाशित हुए हैं। कथा साहित्य के अलावा आजकल चित्रकारी में भी सक्रिय।

दुर्ग और मुम्बई में लम्बा वक्त बिताने के बाद पिछले कई सालों से नागपुर में रहनवारी।

उन्हें ‘वनमाली कथा सम्मान’, ‘इन्दु शर्मा कथा सम्मान’, ‘पाखी सम्मान’ और ‘कथाक्रम सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है।

ई-मेल : manojrupada@gmail.com

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