Udaan

Poetry
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Udaan
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ग़ज़ल हिन्दुस्तानी रिवायत की हसीन-तरीन विरासत है, इसको ज़बानों के संकीर्ण दायरों में क़ैद नहीं किया जा सकता। यह न उर्दू है, न हिन्दी—बस, ग़ज़ल तो ग़ज़ल होती है और उसको ग़ज़ल ही होना चाहिए, वरना सारी मेहनत और कोशिश व्यर्थ हो जाएगी। पुखराज मारू की ग़ज़लों का दीवान देखते हुए मेरे इस ख़याल को मज़ीद तक़वियत मिली। उसकी ग़ज़लें सर-सब्ज़ फलदार दरख़्तों की तरह हैं जिनमें ख़ुशज़ायका मुनफ़रिद और ख़ूबसूरत महकदार फल हैं। बाज पककर रस-भरे बन गए हैं, कुछ अधकच्चे हैं और कुछ इब्तिहाई मराहिल में। लेकिन किसी मज़मूए में बड़ी तादाद में अच्छे शे’र और ख़ूबसूरत मिसरे हों तो दाद तो देनी ही पड़ेगी।

पुखराज मारू ग़ज़ल की क्लासिकी रिवायत के रम्ज शनास हैं। उसकी बारीकियों से परिचित और शब्द पर भी उनकी पकड़ है। ख़याल भी नाज़ुक, ख़ूबसूरत और दिलनवाज़ हैं। नई-नई ज़मीनें भी तराशी हैं और ग़ज़ल के गुल-बूटे खिलाए हैं। वह इक्कीसवीं शताब्दी के बर्क़ रफ़्तार अहद में और बाज़ारवाद के युग में रहते हैं। किन्तु उनकी ग़ज़लों की दुनिया क़दीम है, इसमें शिद्दत नहीं है। समकालीन परिस्थितियों की झलक है भी तो बहुत कम-कम। यह शायर दुनिया का और मानवता का भला प्रेम के ढाई अक्षर में ही तलाश करना चाहता है। यद्यपि इश्क़ से बढ़कर और क्या है जो सारी कायनात में छाया हुआ है।

—बशीर बद्र

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2011
Edition Year 2011, Ed. 1st
Pages 120p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 22 X 14 X 1
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Editorial Review

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Pukhraj Maroo

Author: Pukhraj Maroo

पुखराज मारू

जन्म : 6 मार्च, 1952; बाली (राजस्थान)।

शिक्षा : बी.ए. (1971), एम.ए. (1973), एल.एल.बी. (1998), संचार व पत्रकारिता स्नातक (1999), पीएच.डी. हिन्दी साहित्य (2004), एम.ए. समाजशास्त्र (2006), मानव अधिकार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (2007), पीएच.डी. समाजशास्त्र (2011)।

अभिरुचि : डॉ. मारू सांस्कृतिक अभिरुचि सम्पन्न अधिकारी रहे। छात्र जीवन से ही कला एवं संगीत में गहरी रुचि के साथ उनकी अनेक सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फ़िल्म 'समर’ में अभिनय के साथ प्रकाश झा द्वारा निर्देशित फ़िल्म 'राजनीति’ में भी भागीदारी की है। डॉ. मारू को साहित्य, संगीत, पुरातत्त्व, नृतत्त्व-शास्त्र, विधि प्रबन्धन सहित अनेक क्षेत्रों में विशिष्टता प्राप्त है।

कार्य : भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश संवर्ग के 1980 बैच के कलेक्टर, संभागायुक्त आदि पदों पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्‍त।

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