कथा, कहानी, किस्सा हर देश की संस्कृति की धरोहर कही जाती है। यही कारण है कि हर देश- काल में कहानी कहने और सुनने की परम्परा रही है। दादी और नानी की कहानियाँ बच्चों का मनोरंजन तो करती ही हैं बालमन को बिना मानसिक बोझ के संस्कार भी देती हैं। ये कहानियाँ बच्चों की कही जाती हैं पर हर वर्ग के और हर आयु के स्त्री और पुरुषों का समान रूप से मनोरंजन करती हैं, उन्हें जीवन जीने की कला सिखाती हैं। भारत में तो कथासरित्सागर और पंचतंत्र जैसे कितने ही कथा ग्रन्थ है जो विश्वभर में ज्ञान के अक्षय भण्डार माने गए हैं।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2022 |
| Edition Year | 2022, Ed. 1st |
| Pages | 102p |
| Publisher | Lokbharti Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 1 |