Pratinidhi kavitayen : Arun Kamal

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Pratinidhi kavitayen : Arun Kamal
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Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2013
Edition Year 2021, Ed. 3rd
Pages 120p
Translator Not Selected
Editor Prem Ranjan Animesh
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 17.5 X 12 X 1
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Editorial Review

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Arun Kamal

Author: Arun Kamal

अरुण कमल

जन्म : 15 फरवरी, 1954 को नासरीगंज, रोहतास (बिहार) में।

प्रकाशित प्रमुख पुस्तकें : कविता—‘अपनी केवल धार’, ‘सबूत’, ‘नये इलाक़े में’, ‘पुतली में संसार’, ‘मैं वो शंख महाशंख’, ‘पुतली में संसार’; आलोचना—‘कविता और समय’ तथा ‘गोलमेज’; साक्षात्कार—‘कथोपकथन’; समकालीन कवियों पर निबन्धों की पुस्तक—‘दुःखी चेहरों का शृंगार प्रस्तावित’; अंग्रेज़ी में समकालीन भारतीय कविता के अनुवादों की पुस्तक—‘वायसेज़’—वियतनामी कवि तो हू की कविताओं तथा टिप्पणियों की अनुवाद-पुस्तिका। साथ ही मायकोव्स्की की आत्मकथा के अनुवाद एवं अनेक देशी-विदेशी कविताओं के अनुवाद।

अनेक देशी-विदेशी भाषाओं में कविताएँ तथा कविता-पुस्तकें अनूदित।

सम्मान : कविता के लिए ‘भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार’, ‘सोवियत लैंड नेहरू अवार्ड’, ‘श्रीकान्‍त वर्मा स्मृति पुरस्कार’, ‘रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार’, ‘शमशेर सम्मान’ और ‘नये इलाक़े में’ पुस्तक के लिए 1998 का ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’।

डॉ. नामवर सिंह के प्रधान सम्पादकत्व में ‘आलोचना’ का सम्पादन।

सम्प्रति : पटना विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी के अध्यापक।

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