कथा-लेखन में बीसवीं सदी बड़े अन्तर्विरोधों की सदी रही है। स्त्री को लेकर यह सदी सबसे ज्यादा दुविधाग्रस्त, असहाय और सन्तप्त रही है। महिला कहानीकारों के द्वारा महिला विषयों पर लिखी गयी कहानियाँ स्त्री अनुभव की कहानियाँ हैं। देश, समाज, समय और परिस्थितियों की भिन्नता के बावजूद हर जगह स्त्री वही है और सुख-दु:ख को महसूस करता उसका मन भी एक ही है। स्त्री लेखिकाओं ने अपने दैनिक जीवन के छोटे-छोटे लेकिन तल्ख अनुभवों को अपने कहानियों के माध्यम से नारी अस्मिता से जुड़े सवालों को नये सिरे से उठाया है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2019 |
| Edition Year | 2019, Ed. 1st |
| Pages | 272p |
| Publisher | Lokbharti Prakashan |
| Dimensions | 22 X 14 X 1 |