Shiv Ki Chhati Par Kali Ka Paon

Poetry
Author: Kafir
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Shiv Ki Chhati Par Kali Ka Paon
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पके हुए प्रेम की एक पहचान यह भी है कि सृजन के शिल्प में वह कभी-कभी कच्चा भी रह जाता है। इस तरह की लिखाई उत्कृष्टता की आकांक्षा व दबाव से मुक्त, सहज और स्वाभाविक होती है। काफ़िर की कविताएँ इसी सरलता से पैदा हुई हैं, जो दुनिया में प्रेम की उपस्थिति पर भरोसा जगाती हैं। इन कविताओं से गुज़रते हुए मैंने पाया कि इनकी बनावट में वैशिष्ट्य का आग्रह नहीं, किंतु जीवन की धड़कती हुई ध्वनि जहाँ-तहाँ गूँजती है।

काफ़िर की कविताओं में महज़ प्रेम नहीं है, बल्कि एक पक्के प्रेमी की तरह तबाह हो जाने की पर्याप्त चाह भी है। इस जटिल सरंचना वाले अंधकारपूर्ण संसार में उनकी कविताओं का प्रेमी ऐसा प्रतीत होता है मानो बिना बिजली वाले किसी गाँव में अमावस की तिथि पड़ी हो और सुदूर आकाश में सितारे जगमगा रहे हों। 

इस दौर में प्रेम की कविता एक बड़ी चुनौती से जूझ रही है। प्रेम की अभिव्यक्ति में भावों की तीव्रता को गति की तीव्रता ने विचलित किया है। इस कठिनाई से उबरने का उपाय है एक सघन जीवन से जन्मा धैर्य और अपनी कला के प्रति वीतरागी भाव। काफ़िर की कविता में व्याप्त तीव्र भावनात्मक संवेग और निर्वाण की अवस्था के प्रति मद्धम आसक्ति एक तरह का विरोधाभासी दृश्य रचते हैं। नए-नए उपमान या बिम्बों से विस्मय जगाने वाली तकनीक नहीं, बल्कि उपरोक्त विरोधाभास के आंतरिक संघर्ष से उपजा धैर्य इन कविताओं की प्राणवायु है।                   —बाबुषा कोहली

More Information
Language Hindi
Format Paper Back
Publication Year 2023
Edition Year 2023, Ed. 1st
Pages 104p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Radhakrishna Prakashan
Dimensions 19 X 12 X 1
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Editorial Review

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Kafir

Author: Kafir

काफ़िर

21 अगस्त, 1990 को पटियाला, पंजाब में जन्मे काफ़िर का मूल नाम भूपिन्दर सिंह है। उनका बचपन पंजाब के संगरूर में बीता, शुरुआती पढ़ाई भी वहीं से हुई। उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से दर्शनशास्त्र में पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की।

पंजाबी में उनका एक कहानी-संग्रह ‘महासंभोग’ प्रकाशित हो चुका है। उन्होंने पाब्लो नेरूदा की ‘सवालों की किताब’ का पंजाबी में अनुवाद किया है। सिनेमा, चित्रकला व अन्य कला-रूपों में उनकी विशेष रुचि है।

ई-मेल : john.kafir@gmail.com

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