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Raza : Jaisa Maine Dekha-Hard Cover

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9788195099535
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आकारों, बिन्दुओं और रंगों के साथ अपने देखे और महसूस किए गए की सबसे भीतरी और अमूर्त भि‌त्ति को चि‌त्रित करने तथा द्रष्टा को इसके माध्यम से अपने अन्तस की यात्रा के लिए प्रेरित करनेवाले चित्रकार सैयद हैदर रज़ा के जीवन और रचना का यह बहुत निकट से देखा गया विवरण है।

यह और विशेष इसलिए है कि इसे हमारे समय के अत्यन्त संवेदनशील और कृती चित्रकार अखिलेश ने अपनी स्वयं की आँख से देखकर, और रज़ा के सम्पूर्ण को अंगीकार करके लिखा है। रज़ा के बनने के सफ़र को चिन्हित करते हुए वे अपने कलाकार की यात्रा को भी साथ-साथ इंगित करते चलते हैं। इस तरह यह किताब एक साधारण पाठक के लिए भी चित्रकला के संसार की बहुत सारी जटिल वीथियों को आसान कर देती है।

हिन्दी का सामान्य पाठक साहित्येतर विधाओं और विषयों को लेकर बहुत आग्रहशील नहीं रहता। चित्रकला की बारीक पड़ताल की तरफ़ तो वह शायद ही कभी जाता हो। इसकी एक वजह इस विषय में ऐसी किताबों का न होना भी हो सकता है जो चित्रकला की रचना-प्रक्रिया को उतने सजीव रूप में प्रस्तुत करती हों, जिससे उपन्यासों-कहानियों का पाठक अपने आन्तरिक भावों का तालमेल रेखाओं के अमूर्त आरोह-अवरोह से बना सके।

यह किताब इस कमी को पूरा करती है। जैसा कि आरम्भिक  परिचय में व्योमेश शुक्ल कहते हैं, “वह बात करने की बहुत-सी विधियों को आजमाते हैं। मिसाल के लिए यही मज़मून जो ज़्यादातर कला-आलोचना है, कहीं कहानी, कहीं संस्मरण तो कहीं जीवन-विवरण भी है।...एक खंडित जीवनी जो क्रमानुक्रम का अतिक्रमण करके सम्भव हुई है। ...एक ऐसा आईना—जिसमें वस्तु-संसार के साथ-साथ लेखक के आत्म के रेशे हिल-मिलकर झाँकते हैं। ...इस पुस्तक में अखिलेश नए लोगों के लिए एक महान भारतीय कलाकार की बहुत भरोसेमंद और कुशाग्र जीवनी लिख रहे हैं।”

आधुनिक भारतीय चित्रकला में रुचि रखनेवाले पाठकों और विद्यार्थियों के लिए यह किताब सन्दर्भ-ग्रन्थ की अहमियत भी रखती है। इससे गुज़रने के बाद कला का गूढ़ हमारे लिए उतना पराया नहीं रह जाता जितना हमें सामान्यतः लगता है। रंगों और आकारों का महीन रोमांच हमें यहाँ बहुत स्पष्ट और नज़दीक खिलता-खुलता महसूस होता है।

More Information
Language Hindi
Binding Hard Back
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publication Year 2021
Edition Year 2021, Ed. 1st
Pages 146p
Price ₹495.00
Publisher Rajkamal Prakashan
Dimensions 22 X 14.5 X 1.5
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Akhilesh  'Bhopal'

Author: Akhilesh 'Bhopal'

अखिलेश

सुप्रसिद्ध चित्रकार, गद्य लेखक, अनुवादक अखिलेश का जन्म 28 अगस्त, 1956 को इन्दौर, मध्य प्रदेश में हुआ। शिक्षा : नेशनल डिप्लोमा इन पेंटिंग (1978)।

प्रमुख पुस्तकें : ‘दरसपोथी’, ‘अचम्भे का रोना’, ‘शीर्षक नहीं’, ‘मक़बूल फ़िदा हुसेन’, ‘देखना’, ‘उनके बारे में’।

जीवनी : रज़ा : जैसा मैंने देखा, के विरुद्ध : स्वामीनाथन एक पक्ष, मक़बूल और Maqbool : Biography of M. F. Husain (english translation)

अनुवाद : बूझती उँगलियाँ ज. स्वामीनाथन की पुस्तक Perceiving Fingers, समास में प्रकाशित। वफ़ा की अजीब दास्ताँ, आपबीती मार्क शागाल की आत्मकथा, कुकुर नक्षत्र  प्रसिद्ध स्वीडिश लेखिका आग्नेता प्लायेल का उपन्यास Dog Star

सम्पादन : रज़ा पर केन्द्रित कलवार्ता का विशेषांक स्वामीनाथन से संवाद : स्वामीनाथन के साक्षात्कार

संवाद : अखिलेश (पीयूष दईया से बातचीत), कलाकार का देखना (अभिषेक कश्यप से बातचीत), इस प्रकार (राजेश्वर त्रिवेदी से बातचीत)

उन्हें ‘भारत भवन बिनाले सम्मान’, ‘रज़ा अवार्ड’, ‘कला कौस्तु सम्मान’, ‘वागेश्वरी सम्मान’, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ‘सीनियर आर्टिस्ट फेलोशिप’ आदि मिल चुके हैं।

वर्तमान में भोपाल में रहकर कलाकर्म में सक्रिय।

सम्पर्क : [email protected]

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