– कुछ नई प्रगतिशील प्रतिभाओं में गीत का नाम प्रमुख है। कवि-कथाकार के रूप में वह चुपचाप उभर रहे हैं। हिन्दी के वर्तमान परिदृश्य में कुछ युवा चिल्ला रहे हैं, उनके लिए लोग चिल्ला रहे हैं, लेकिन कुछ युवा ख़ामोश हैं, धीर, गभीर और रचनात्मक हैं। वास्तविक संघर्ष वाचाल और ख़ामोशों के बीच है। गीत के पास बहुत ताज़ा और चमकीली भाषा है। वे विचारवान और स्वप्नदर्शी हैं।
More Information
Language
Hindi
Binding
Paper Back
Translator
Not Selected
Editor
Not Selected
Publication Year
2025
Edition Year
2025, Ed. 1st
Pages
143p
Price
₹250.00
Publisher
Rajkamal Prakashan
Dimensions
20 X 14 X 2
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Author: Geet Chaturvedi
गीत चतुर्वेदी
27 नवम्बर, 1977 को मुम्बई में जन्मे गीत चतुर्वेदी को हिन्दी के सबसे ज़्यादा पढ़े जाने वाले समकालीन लेखकों में से एक माना जाता है। उनकी बारह किताबें प्रकाशित हैं, जिनमें दो कहानी-संग्रह, तीन कविता-संग्रह और उपन्यास ‘सिमसिम’ शामिल हैं। उनके कविता-संग्रह ‘न्यूनतम मैं’ और ‘ख़ुशियों के गुप्तचर’ हिन्दी की बेस्टसेलर सूचियों में शामिल रहे। ‘टेबल लैम्प’ और ‘अधूरी चीज़ों का देवता’ साहित्य, सिनेमा व संगीत पर लिखे उनके निबन्धों के संग्रह हैं।
कविता के लिए उनको ‘भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार’, ‘स्पंदन कृति सम्मान’, ‘वाग्धारा नवरत्न सम्मान’ तथा गल्प के लिए ‘कृष्णप्रताप कथा सम्मान’, ‘शैलेश मटियानी कथा सम्मान’, ‘कृष्ण बलदेव वैद फ़ेलोशिप’ और ‘सैयद हैदर रज़ा फ़ेलोशिप’ मिल चुके हैं। हिन्दी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘वातायन-यूके’ द्वारा ‘वातायन अन्तरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान’ दिया गया है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ सहित कई प्रकाशन संस्थानों ने उन्हें भारतीय भाषाओं के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में शुमार किया है।
उनकी रचनाएँ देश-दुनिया की 24 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। उनकी कविताओं के अंग्रेज़ी अनुवाद का संग्रह ‘द मेमरी ऑफ़ नाउ’ 2019 में अमेरिका से प्रकाशित हुआ। उनके उपन्यास ‘सिमसिम’ के अंग्रेज़ी अनुवाद को (अनुवादक : अनिता गोपालन) ‘पेन अमेरिका’ ने अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘पेन-हैम ट्रांसलेशन ग्रांट’ अवार्ड किया है। 2023 में ‘सिमसिम’ को ‘जेसीबी प्राइज़ फ़ॉर लिटरेचर’ की दीर्घ-सूची में शामिल किया गया।