Veerta Par Vichlit

Poetry
500%
() Reviews
As low as ₹300.00 Regular Price ₹300.00
In stock
Only %1 left
SKU
Veerta Par Vichlit
- +

आर. चेतनक्रान्ति की कविताएँ औसत जीवन की महत्तर कविताएँ हैं।

उत्तर-पूँजीवाद ने पिछले दो दशकों में बेकारी, विस्थापन, ऊब और उदासी का अपरम्पार गाद जमा किया है। चेतनक्रान्ति इससे गुज़रकर इस महाजीवन की धकधक को पकड़नेवाले सबसे संवेदनशील कवि हैं। और उनकी कविताएँ औसत आदमी की अकुलाहट, हताशा, टूटन व बाज़ार द्वारा गढ़े मौज़-मज़ा-मस्ती की बर्बरता के बीच अन्तर्निहित सूत्रों को बहुत सहज ढंग से उद्घाटित करती हैं। ये कविताएँ हमारे स्वप्न, डर, उन्माद और उपभोग में निहित ताक़त और दमन के महीन सूत्रों को अनायास खोलती चलती हैं। यहाँ ‘ताक़त’ अलग-अलग व्यंजनाओं में सबसे केन्द्रीय पद है। हमारे तमाम भाव-अनुभाव ताक़त की इस अदृश्य संरचना का ही प्रभावोत्पाद हैं, इस बात को समझने के लिए यहाँ संकलित प्रेम कविताओं को धैर्य से पढ़ना चाहिए। प्रेम यहाँ हिन्दी के सामान्य तन्द्रिल संसार से भिन्न; दैनंदिन जीवन की कशमकश और औसत आदमी की बेचारगी के बीच एक सघन मानुष गन्ध की तरह है। प्रेम यहाँ औसतपने में जीवन की सार्थकता और अस्तित्व को थोड़ा गहरा संवेदनात्मक आधार देता है।

 

इन कविताओं में स्थिति और अवस्थितियों के कारणभूत तत्त्वों तक पहुँचने की तड़प के साथ संरचनात्मक अन्तर्विरोधों से पैदा हुआ बहुत जैविक तरह का प्रतिरोध है। इसे प्रचलित मुहावरों और लोकप्रिय मुद्राओं में घटाकर समझने का प्रयास व्यर्थ है। यह किसी विचार-व्यवस्था और क्रान्ति के शास्त्र से नहीं बल्कि पूँजी और पितृसत्ता के ख़िलाफ़ ग़ुस्सा, खीझ और न्याय की आकांक्षा है जो कौरवी बोली के देशज ताप से ख़ास संवादधर्मी शिल्प में ढल जाता है।

—आशीष मिश्र

More Information
Language Hindi
Format Hard Back
Publication Year 2017
Edition Year 2017, Ed. 1st
Pages 160p
Translator Not Selected
Editor Not Selected
Publisher Rajkamal Prakashan
Write Your Own Review
You're reviewing:Veerta Par Vichlit
Your Rating

Editorial Review

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution of letters, as opposed to using 'Content here

R. Chetankranti

Author: R. Chetankranti

आर. चेतनक्रान्ति

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले के गाँव उमरी कलां में जन्म। शुरू की पढ़ाई-लिखाई वहीं (गाँव के प्राथमिक और इंटरमीडिएट विद्यालयों में)। मेरठ वि.वि. से स्नातकोत्तर।
कविता-रचना गाँव में रहते हुए बहुत बचपन में ही शुरू कर दी थी। लगभग 1986 के आसपास। छपने को गईं सन् 2000 में। एक संग्रह 'शोकनाच' (2004) प्रकाशित।
‘भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार’, ‘स्पन्दन पुरस्कार’ (भोपाल) और ‘राजस्थान पत्रिका’ तथा ‘अमर उजाला’ के वार्षिक पुरस्कार मिले हैं।
दिल्ली में आवास। सम्पादन और अनुवाद का शौक़। कुछ किताबें अंग्रेज़ी और उर्दू से अनूदित-प्रकाशित।

Read More
Books by this Author

Back to Top