Author
Shyamacharan Dube

Shyamacharan Dube

4 Books

श्यामाचरण दुबे

 

प्रोफ़ेसर श्यामाचरण दुबे (1922) का नाम अन्तरराष्ट्रीय स्तर के समाजवैज्ञानिक के रूप में प्रसिद्ध है। उनकी पुस्तक इंडियन विलेज को एक क्लासिक के रूप में मान्यता मिली है। उसके अनेक अनुवाद विदेशी और भारतीय भाषाओं में हुए हैं। सामाजिक परिवर्तन, विकास और आधुनिकीकरण पर उनका अभिमत आधिकारिक माना जाता है।

अंग्रेज़ी के साथ-साथ वे हिन्दी में भी लिखते रहे। परम्परा, संस्कृति और साहित्य पर सम्मानित भाषण देने के आमंत्रण उन्हें मिलते रहे और उन्होंने स्तरीय पत्रिकाओं में भी समय-समय पर लिखा। वे साहित्य, संस्कृति और समाजविज्ञान के शीर्षस्थ सम्मानों और पुरस्कारों के निर्णायक मंडलों के सदस्य भी रहे।

प्रकाशित प्रमुख कृतियाँ : ‘मानव और संस्कृति’, ‘संक्रमण की पीड़ा’, ‘विकास का समाजशास्त्र’, ‘परम्परा और परिवर्तन’, ‘शिक्षा, समाज और भविष्य’, ‘परम्परा, इतिहासबोध और संस्कृति’, ‘लोक : परम्परा, पहचान और प्रवाह’।

सम्मान : भारतीय ज्ञानपीठ का ‘मूर्तिदेवी पुरस्कार’ (1993)।

निधन : 4 फ़रवरी, 1996

Back to Top