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Shivkumar Tiwari

Shivkumar Tiwari

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शिवकुमार तिवारी

जन्म : 1941, जबलपुर।

शिक्षा : विश्वविद्यालयीन परीक्षाएँ (बी.ए., एम.ए.) विशेष योग्यता के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण, ‘नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप’, जैवभूगोल में शोधकार्य एवं डॉक्टरेट की उपाधि।

25 वर्षों (1964 से 1990) तक मध्य प्रदेश की महाविद्यालयीन सेवा में भूगोल विषय के सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों पर रहकर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य। भूगोल, मानवविज्ञान, पर्यावरण, जनजातीय संस्कृति एवं चिकित्सा भूगोल पर मानक ग्रन्थ तथा अनेक शोध पत्र। 13 वर्ष (1990 से 2003) तक रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में जनजातीय अध्ययन विभाग में अध्यक्ष के रूप में कार्यरत। विश्वविद्यालय में कार्य करते हुए बीस पीएच.डी. शोध कार्यों का निर्देशन। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भारतीय सामाजिक विज्ञान परिषद् तथा मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् जैसी संस्थाओं द्वारा प्रायोजित क्षेत्रीय शोध परियोजनाओं के निदेशक। भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अनुदान प्राप्त क्षेत्रीय शोध परियोजनाओं के निदेशक। इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च की शाखा जनजातीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान के मानद सदस्य। हिन्दी भाषा में बारह ग्रन्थों का प्रकाशन जिनमें से छह मध्य प्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, भोपाल (मध्य प्रदेश शासन) से तथा अन्य निजी प्रकाशन गृहों द्वारा प्रकाशित हुए हैं। अंग्रेज़ी भाषा में बीस ग्रन्थों का प्रकाशन।

प्रकाशित कृतियाँ : नवीन ग्रन्थ ‘ज्याग्राफ़िक बायोज्याग्राफ़ी’ (2007) एवं 'अर्ली मेन ऑफ इंडियन रॉकशेल्टर्स’ (2009)। राजकमल प्रकाशन द्वारा 'चरितानि राजगोंडानाम’ (2008), ‘राजगोंडों की वंशगाथा’ (2012) एवं ‘भारतीय वन्यप्राणियों के संरक्षित क्षेत्रों का विश्वकोष’ (2013) प्रकाशित।

सम्मान : मध्य प्रदेश शासन द्वारा हिन्दी भाषा में विश्वविद्यालयीन स्तर के मानक ग्रन्थों के लेखन हेतु ‘डॉ. शंकरदयाल शर्मा सृजन सम्मान’ (वर्ष 2009) से सम्मानित एवं पुरस्कृत।

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