Navin Sagar
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नवीन सागर
नवीन सागर का जन्म 20 नवंबर, 1948 को सागर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उच्च शिक्षा सागर विश्वविद्यालय से हुई। उनकी श्रेष्ठता और कीर्ति का आधार उनकी कविताएँ और कहानियाँ हैं। 1989 में उनका एक कहानी-संग्रह ‘उसका स्कूल’ तथा बाल-कविताओं का संग्रह ‘आसमान भी दंग’ प्रकाशित हुआ। पहला कविता-संग्रह ‘नींद से लम्बी रात’ 1996 में प्रकाशित हुआ। 14 अप्रैल, 2000 को भोपाल में उनके आकस्मिक निधन के बाद 2001 में उनका दूसरा कविता-संग्रह ‘जब ख़ुद नहीं था’ और 2006 में तीसरा कविता-संग्रह ‘हर घर से ग़ायब’ प्रकाशित हुआ। उनकी ‘सम्पूर्ण कहानियाँ’ 2019 में और बच्चों-किशोरों के लिए कविताओं की एक किताब ‘तुम भी आना’ 2020 में प्रकाशित हुई। निधन से पूर्व, वे मध्य प्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी में कार्यरत रहे। उनकी याद में नवंबर 2007 में साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘कथादेश’ (सम्पादक : हरिनारायण) ने ‘नवीन सागर विशेषांक’ (अतिथि सम्पादक : रामकुमार तिवारी) प्रकाशित किया, जिसमें हिन्दी के कई उल्लेखनीय कवियों-लेखकों-आलोचकों ने नवीन सागर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखे।



